जरुरी जानकारी | तापीय बिजलीघरों में क्षमता उपयोग 70 प्रतिशत पर मजबूत बने रहने की उम्मीद: इक्रा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. बिजली मांग में छह प्रतिशत वृद्धि के साथ तापीय बिजलीघरों में क्षमता उपयोग चालू वित्त वर्ष में 70 प्रतिशत पर मजबूत बना रह सकता है। साख निर्धारण और शोध कंपनी इक्रा ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
नयी दिल्ली, 20 जून बिजली मांग में छह प्रतिशत वृद्धि के साथ तापीय बिजलीघरों में क्षमता उपयोग चालू वित्त वर्ष में 70 प्रतिशत पर मजबूत बना रह सकता है। साख निर्धारण और शोध कंपनी इक्रा ने बृहस्पतिवार को यह बात कही।
इक्रा ने बयान में कहा कि तापीय बिजलीघरों में ‘प्लांट लोड फैक्टर’ (पीएलएफ) यानी क्षमता उपयोग में सुधार और मांग वृद्धि के बाद इस क्षेत्र के लिए दृष्टिकोण ‘स्थिर’ है। इससे नये बिजली खरीद समझौतों (पीपीए) पर हस्ताक्षर करने के मामले बेहतर हुए हैं।
साथ ही विलंब भुगतान अधिभार (एलपीएस) योजना के क्रियान्वयन से अगस्त, 2022 से राज्य वितरण कंपनियों से बिजली उत्पादन कंपनियों को भुगतान में सुधार हुआ है।
इक्रा के अनुसार, हालांकि शुल्क दर में सीमित बढ़ोतरी और लगातार घाटे में जारी परिचालन के बीच बिजली वितरण खंड के लिए उसका दृष्टिकोण ‘नकारात्मक’ बना हुआ है।
बयान के अनुसार, बिजली की मांग में वृद्धि और तापीय क्षमता में हल्की वृद्धि के साथ वित्त वर्ष 2024-25 में अखिल भारतीय स्तर पर तापीय बिजलीघरों का क्षमता उपयोग मामूली रूप से बढ़कर 70 प्रतिशत हो जाएगा, जो 2023-24 में 69 प्रतिशत था।
रेटिंग एजेंसी ने वित्त वर्ष 2024-25 के लिए मांग वृद्धि छह प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है।
इक्रा के अनुसार पिछले तीन साल में बिजली की मांग में अच्छी वृद्धि को देखते हुए तापीय बिजली क्षमता वृद्धि पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।
इक्रा के उपाध्यक्ष और सह-समूह प्रमुख (कंपनी रेटिंग) विक्रम वी ने बयान में कहा कि उत्पादन क्षमता में वृद्धि वित्त वर्ष 2024-25 में 30 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) होने का अनुमान है जो बीते वित्त वर्ष में 25 गीगावाट थी। इसके साथ ही कुल स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता मार्च, 2025 तक 470 गीगावाट को पार कर जाएगी।
उन्होंने कहा कि इसमें तापीय बिजली के स्तर पर क्षमता 5.0-5.5 गीगावाट बढ़ने की उम्मीद है। जबकि नवीकरणीय ऊर्जा का योगदान 25 गीगावाट होगा।
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