देश की खबरें | नहीं बता सकते कि एम्स के बजाय सफदरजंग अस्पताल में क्यों भर्ती कराई गई पीड़िता : प्राचार्य
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. अलीगढ़ स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य ने कहा है कि वह नहीं बता सकते कि उनके चिकित्सालय द्वारा दिल्ली स्थित एम्स के लिए रेफर किए जाने के बावजूद हाथरस सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़िता को सफदरजंग अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया।
अलीगढ़ (उप्र), एक अक्टूबर अलीगढ़ स्थित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के प्राचार्य ने कहा है कि वह नहीं बता सकते कि उनके चिकित्सालय द्वारा दिल्ली स्थित एम्स के लिए रेफर किए जाने के बावजूद हाथरस सामूहिक बलात्कार कांड की पीड़िता को सफदरजंग अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया।
मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बृहस्पतिवार को कहा, "हमने पीड़िता को दिल्ली स्थित एम्स के लिए रेफर किया था। अब हम यह नहीं बता सकते कि उसे सफदरजंग अस्पताल में क्यों भर्ती कराया गया।"
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उन्होंने कहा, "28 सितंबर की रात को परिवार ने युवती को एम्स के लिए रेफर करने की इच्छा जताते हुए इसकी अनुमति मांगी थी। अगली सुबह परिजन पीड़िता को लेकर दिल्ली रवाना हो गए थे।"
इससे पहले, बुधवार को जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रशासन ने इस बारे में पूछे जाने पर संवाददाताओं से कहा था, "इस मामले में हाथरस जिला प्रशासन ही कुछ बता सकता है। हमारा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।"
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प्रोफेसर सिद्दीकी ने कहा, "आमतौर पर किसी मरीज को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए दूसरे अस्पताल स्थानांतरित करने का फैसला डॉक्टर उसके परिजन से सलाह-मशविरा करके लेते हैं, लेकिन हाथरस कांड की पीड़िता के मामले में परिवार के लोग खुद फैसला लेना चाहते थे। उन्हें ऐसा करने का अधिकार भी है और ऐसे मामलों में हम हमेशा सहयोग करते हैं।"
वारदात के दौरान पीड़िता को आई चोटों के सिलसिले में मीडिया में परस्पर विरोधाभासी खबरें प्रसारित होने के बारे में पूछे जाने पर प्राचार्य ने साफ किया, ‘‘इस मामले में किसी तरह की अटकलबाजी की गुंजाइश नहीं है और हम इस मामले में अपनी रिपोर्ट सिर्फ जांच अधिकारी या अदालत को ही देने के लिए अधिकृत हैं।"
इस बीच, विपक्षी दलों ने हाथरस में सामूहिक बलात्कार का शिकार हुई युवती के शव का प्रशासन द्वारा कथित रूप से जबरन अंतिम संस्कार कराए जाने की कड़ी निंदा की है।
गौरतलब है कि गत 14 सितंबर को हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय दलित लड़की से कथित तौर पर सामूहिक बलात्कार किया गया था। लड़की को रीढ़ में चोट और जीभ कटने की वजह से पहले अलीगढ़ के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उसके बाद उसे दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया था, जहां मंगलवार तड़के उसकी मौत हो गई थी।
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