देश की खबरें | नियमों का उल्लंघन कर चलाये जा रहे स्कूल वाहनों को लेकर अभियान
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उत्तर प्रदेश सरकार ने एक से 15 जुलाई तक असुरक्षित स्कूल वाहनों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाया जिस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले चार हजार से ज्यादा वाहनों का चालान किया गया।
लखनऊ, 23 जुलाई उत्तर प्रदेश सरकार ने एक से 15 जुलाई तक असुरक्षित स्कूल वाहनों के खिलाफ राज्यव्यापी अभियान चलाया जिस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले चार हजार से ज्यादा वाहनों का चालान किया गया।
एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, अभियान के दौरान 67 हजार 613 पंजीकृत स्कूल बसों और वैन में से 46 हजार 748 का निरीक्षण किया गया। उनमें से 4089 वाहनों को सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते पाया गया।
इसमें बताया गया है कि इस दौरान अधिकारियों ने कुल 4438 चालान जारी किये। इसके अलावा 913 वाहन जब्त किये और कुल 88.52 लाख रुपये का जुर्माना वसूला।
बयान के मुताबिक, कुल 1768 वाहनों को फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त होने के बावजूद चलाया जा रहा था। अभियान के बाद परिवहन आयुक्त ने सभी क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) को स्कूल वाहनों के संचालन की मासिक समीक्षा करने का निर्देश दिया।
परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने स्कूल वाहनों के सुरक्षित संचालन के संबंध में सभी ज़िलाधिकारियों, (क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों के अध्यक्ष के रूप में) मंडलायुक्तों , संभागीय एवं सहायक संभागीय परिवहन अधिकारियों तथा स्कूलों के प्रधानाचार्यों को पत्र जारी किये हैं।
पत्र में स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि बिना परमिट के चलने वाले निजी वाहनों को तुरंत जब्त किया जाए और कालातीत हो चुके फिटनेस प्रमाणपत्र वाले वाहनों को चलने की अनुमति न दी जाए।
इसमें कहा गया है कि अगर कोई स्कूल नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है तो जिला शिक्षा विभाग और जिलाधिकारी कार्यालय के समन्वय से कड़ी कार्रवाई की जाए।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 23, 2025 08:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

