देश की खबरें | एमसीडी चुनाव टालने के लिए पीएमओ से राज्य निर्वाचन आयुक्त को किया गया फोन: केजरीवाल

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नयी दिल्ली, 24 मार्च दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का चुनाव टालने के लिए राज्य निर्वाचन आयुक्त को प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) से फोन किया गया था।

केजरीवाल ने विधानसभा में कहा, ‘‘यह दुनिया में कहीं नहीं हुआ होगा कि प्रधानमंत्री सीधे कॉल कर और निर्वाचन आयोग को पत्र लिख चुनाव टलवा रहे हों। भाजपा चुनाव नहीं चाहती है। भाजपा नेताओं ने एमसीडी में लूट के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।’’

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी उपराज्यपाल का पत्र मिलने के बाद इस महीने के शुरु में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निकाय चुनाव टालने की घोषणा के बाद आई है। आयोग ने कहा कि केंद्र की योजना संसद के बजट सत्र के दौरान तीनों निगमों को मिलाने के लिए विधेयक लाने की है।

केंद्रीय मंत्रिमडल ने मंगलवार को दिल्ली के तीनों नगर निगम को मिलाने के लिए विधेयक लाने को मंजूरी दे दी। इस विधेयक को संसद के चालू बजट सत्र में ही पेश किए जाने की उम्मीद है।

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल ने जानना चाहा कि आखिर भाजपा ने गत सात सालों में क्यों नहीं तीनों निगमों को मिलाने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, ‘‘आप (भाजपा)गत सात साल से कहां सोए थे। राज्य निर्वाचन आयोग नौ मार्च को शाम पांच बजे एमसीडी चुनावों की घोषणा करने वाला था लेकिन पीएमओ से आयुक्त को फोन कॉल आया और चुनाव की तारीखों की घोषणा से महज एक घंटे पहले चुनाव टालने के लिए पत्र आया।’’

विधानसभा में बोलते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा बाबा साहेब आम्बेडकर से नफरत करती है क्योंकि उन्होंने संविधान और लोकतंत्र दिया।

उन्होंने भाजपा को समय से एमसीडी चुनाव कराने और जीतने की चुनौती दी।

केजरीवाल ने तंज कसा, ‘‘दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी (भाजपा), दुनिया की सबसे छोटी पार्टी (आप) से डर गई है।’’

सूत्रों के मुताबिक वार्डों का पुनर्गठन हो सकता है जिसकी वजह से एमसीडी चुनाव में देरी हो सकती है।

उन्होंने बताया कि दिल्ली नगर निगम में वार्ड की संख्या 250 के करीब सीमित की जा सकती है जबकि इस समय 272 वार्ड हैं।

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