देश की खबरें | कलकत्ता उच्च न्यायालय ने आरएसएस को बर्धमान जिले में रैली की अनुमति दी

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कोलकाता, 14 फरवरी कलकत्ता उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार की आपत्तियों को खारिज करते हुए आरएसएस को 16 फरवरी को पूर्व बर्धमान जिले में एक रैली आयोजित करने की सशर्त अनुमति दे दी।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के इस रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम है।

रैली के आयोजकों ने राज्य के अधिकारियों द्वारा इस आधार पर अनुमति देने से इनकार करने के बाद अदालत का रुख किया था कि माध्यमिक परीक्षा के दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल से परीक्षार्थियों को परेशानी होगी।

न्यायमूर्ति अमृता सिन्हा की पीठ ने रविवार को आयोजित रैली के लिए अनुमति दे दी, जिस दिन कोई परीक्षा निर्धारित नहीं है।

हालांकि अदालत ने कहा कि आयोजक उपस्थित भीड़ की संख्या के साथ-साथ ‘साउंड बॉक्स’ की आवाज की मात्रा पर भी नजर रखें और यह सुनिश्चित करें कि माध्यमिक परीक्षाओं और आगामी उच्चतर माध्यमिक परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को असुविधा न हो।

याचिकाकर्ता ने कहा कि यह कार्यक्रम जिले के तलित क्षेत्र में भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) परिसर के अंदर आयोजित किया जाएगा, जिसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक पूर्वाह्न 11 बजे से दोपहर सवा 12 बजे तक स्वयंसेवकों और उनके परिवार के सदस्यों को एक घंटे व पंद्रह मिनट तक संबोधित करेंगे।

आरएसएस की ओर से पेश हुए केंद्र के उप महाधिवक्ता दिरज त्रिवेदी ने दलील दी कि संगठन ने पहले ही एसएआई अधिकारियों से कार्यक्रम की मेजबानी की अनुमति प्राप्त कर ली है, जो 5,000 वर्ग फुट के भूखंड पर आयोजित किया जाएगा।

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जिला प्राधिकारियों की आपत्ति का सामना करने पर आयोजकों ने लाउडस्पीकरों के स्थान पर ‘साउंड बॉक्स’ लगाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि ध्वनि केवल कार्यक्रम के आसपास के क्षेत्र तक ही सीमित रहेगी।

दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपने आदेश में कहा, "हालांकि, चूंकि यह कार्यक्रम रविवार को केवल एक घंटे और पंद्रह मिनट के लिए निर्धारित किया गया है, और राज्य प्रतिवादी के निर्देश के अनुसार, निकटतम स्कूल परिसर से लगभग 500 मीटर दूर है, इसलिए अदालत याचिकाकर्ता को कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देती है बशर्ते इससे किसी भी परीक्षार्थी को कोई सुविधा न हो, जो अपनी परीक्षा की तैयारी में व्यस्त हो सकते हैं।"

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