देश की खबरें | ‘पिंजरा तोड़’ ने अपने सदस्यों की गिरफ्तारी की निंदा की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली के कॉलेजों की वर्तमान एवं पूर्व छात्राओं के समूह ‘पिंजरा तोड़’ ने दिल्ली में दिसंबर में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के सिलसिले में अपने दो सदस्यों को गिरफ्तार किए जाने की निंदा की है। उसने सदस्यों के खिलाफ ‘क्रूर कानून’ के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
नयी दिल्ली, 31 मई दिल्ली के कॉलेजों की वर्तमान एवं पूर्व छात्राओं के समूह ‘पिंजरा तोड़’ ने दिल्ली में दिसंबर में हुए सीएए विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के सिलसिले में अपने दो सदस्यों को गिरफ्तार किए जाने की निंदा की है। उसने सदस्यों के खिलाफ ‘क्रूर कानून’ के इस्तेमाल का आरोप लगाया।
‘पिंजरा तोड़’ की कार्यकर्ता एवं जेएनयू छात्रा नताशा नरवाल का नाम गैर कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून के तहत उसी प्राथमिकी में दर्ज किया गया जो सफूरा जरगर, मीरान हैदर, उमर खालिद तथा समूह के अन्य सदस्यों के खिलाफ दर्ज की गई थी।
समूह की अन्य सदस्य देवांगना कलीता के खिलाफ दिल्ली के दरियागंज में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा के सिलसिले में मामला दर्ज किया गया है।
यह तीसरा मामला है जिसमें पुलिस ने कलीता को गिरफ्तार किया है। दो मामले उत्तरपूर्वी दिल्ली में हिंसा से जुड़े हैं।
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कलीता की गिरफ्तारी की निंदा करते हुए समूह ने कहा, ‘‘उन्हें अब दरियागंज थाने में पुलिस हिरासत में रखा गया है। यह प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आरोपों को लेकर भ्रामक स्थिति को बयां करता है।’’
समूह ने आरोप लगाया कि पुलिस उसके कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा में लिप्तता के सबूत नहीं पेश कर सकी।
पिंजरा तोड़ की सदस्यों के अनुसार यूएपीए जैसे ‘क्रूरतापूर्ण कानूनों ’ का इस्तेमाल और लोकतांत्रिक कार्यकताओं पर उनके तहत मामले दर्ज करना सरकार द्वारा अधिकारों का स्पष्ट दुरूपयोग है।
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