नयी दिल्ली, पांच जनवरी केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर पूर्व क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) की योजनाओं को वित्त वर्ष 2025-26 तक जारी रखने के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है जिस पर 12,882 करोड़ रूपये की लागत आयेगी।
पूर्वोत्तर मामलों के मंत्री जी किशन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं को बताया कि बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता मे हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत डोनर मंत्रालय की योजनाओं को 15वें वित्त आयोग की शेष अवधि अर्थात वित्त वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक जारी रखने को मंजूरी प्रदान की गई।
सरकारी बयान के अनुसार, व्यय वित्त आयोग (ईएफसी) की सिफारिशों के आधार पर उत्तर पूर्व विशेष आधारभूत ढांचा योजना (एनईएसआईडीएस) के लिये 8139.5 करोड़ रूपये का आवंटन किया जायेगा जिसमें जारी परियोजनाओं की देनदारियां भी शामिल हैं।
इसमें कहा गया है कि उत्तर पूर्व परिषद (एनईसी) की योजनाओं के लिये 3202.7 करोड़ रूपये का आवंटन किया जायेगा जिसमें पहले से जारी परियोजनाओं की देनदारियों की प्रतिबद्धताएं शामिल हैं।
बयान के अनुसार, बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद, दीमासांग क्षेत्रीय स्वायत्त परिषद, कार्बी आंगलोंग स्वायत्त क्षेत्र परिषद के लिये कुल मिलाकर 1540 करोड़ रूपये के विशेष पैकेज का आवंटन किया गया है।
इसमें कहा गया है कि यह प्रयास किया जायेगा कि वर्ष 2025-26 तक अधिक से अधिक संख्या में परियोजनाओं को पूरा करना है।
रेड्डी ने बताया कि दो महीने पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल ने उत्तर पूर्व क्षेत्र के लिये प्रधानमंत्री विकास पहल -पीएम डिवाइन को मंजूरी (6,600 करोड़ रूपये के आवंटन के साथ) दी थी जिसमें इस क्षेत्र में आधारभूत ढांचा विकास, सामाजिक विकास कार्यक्रम और आजीविका क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों को गति देना शामिल है।
उन्होंने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग की 375 परियोजनाओं पर काम चल रहा है और 208 परियोजनाएं अभी प्रक्रियागत चरण में हैं।
दीपक
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