देश की खबरें | मंत्रिमंडल ने डीटीएच सेवा दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी, लाइसेंस 20 वर्ष, 100 प्रतिशत एफडीआई होगा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 23 दिसंबर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को डायरेक्ट टू होम (डीटीएच) सेवा प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी दी जिससे अब 20 साल के लिए लाइसेंस जारी किए जा सकेंगे और इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई का मार्ग प्रशस्त होगा ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई ।

बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावडेकर ने संवाददाताओं को बताया कि दिशा-निर्देशों में संशोधन करने से डीटीएच क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) का मार्ग प्रशस्त हो जायेगा ।

उन्होंने बताया कि वाणिज्य मंत्रालय ने डीटीएच क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेश निवेश की बात कही थी लेकिन सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के दिशा निर्देशों के कारण ऐसा नहीं हो पा रहा था, अत: इन दिशा निर्देशों में सुधार की जरूरत थी ।

जावड़ेकर ने बताया कि दिशा-निर्देशों में संशोधन से अब इस क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेश निवेश हो सकेगा । अब तक इस क्षेत्र में 49 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेश निवेश हो सकता था ।

मंत्रालय के अनुसार, इस संबंध में भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकार (ट्राई) से विचार विमर्श किया गया है। इन संशोधनों से डीटीएच के लिये लाइसेंस वर्तमान 10 वर्ष की बजाए अब 20 वर्ष की अवधि के लिये जारी किये जायेंगे ।

लाइसेंस शुल्क वर्तमान वार्षिक आधार के स्थान पर अब त्रैमासिक आधार पर एकत्र किया जायेगा ।

एक डीटीएच संचालक से प्रति पीएस चैनल के लिए 10,000 रुपये का नॉन-रिफंडेबल पंजीकरण शुल्‍क लिया जाएगा।

इसके अलावा डीटीएच संचालकों को उनके द्वारा दिखाये जाने वाले कुल अनुमति प्राप्त प्लेटफार्म चैनलों की क्षमता से अधिकतम 5 प्रतिशत के संचालन की अनुमति दी जायगी ।

सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, स्‍वैच्छिक आधार पर डीटीएच संचालकों के बीच बुनियादी ढांचे को साझा करने की इच्‍छा रखने वाले डीटीएच संचालकों को डीटीएच प्‍लेटफॉर्म और टीवी चैनलों की ट्रांसपोर्ट स्‍ट्रीम को साझा करने की अनुमति दी जाएगी।

टीवी चैनलों के वितरकों को अपनी ग्राहक प्रबंधन प्रणाली (एसएमएस) और सशर्त पहुंच प्रणाली (सीएएस) संबंधी आवेदनों के लिए समान हार्डवेयर को साझा करने की अनुमति दी जाएगी।

इसमें कहा गया है कि लाइसेंस शुल्‍क को सकल राजस्व (जीआर) के 10 प्रतिशत से व्यवस्थित सकल राजस्व (एजीआर) के 8 प्रतिशत तक संशोधित किया गया है। सकल राजस्व (जीआर) से जीएसटी को घटाकर एजीआर की गणना की जाएगी।

प्रस्‍तावित कटौती का अभिप्राय लाइसेंस शुल्क व्यवस्था को दूरसंचार क्षेत्र के अनुकूल बनाना है। यह अंतर डीटीएच सेवा प्रदाताओं को विस्तारित अभियानों में और अधिक निवेश और इसके फलस्वरूप लाइसेंस शुल्क के नियमित भुगतान में उन्हें और सक्षम बना सकता है।

प्लेटफॉर्म सेवाओं के लिए पंजीकरण शुल्क से करीब 12 लाख रुपये के राजस्व सृजन की संभावना है।

टाटा स्काई के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हर्षित नागपाल ने बताया कि हम डीटीएच लाइसेंस नीति में बहुप्रतिक्षित कमियों को दूर करने के लिये सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के आभारी है और इससे उद्योग में स्थिरता आयेगी ।

उन्होंने हालांकि कहा कि डीटीएच उद्योग समान अवसर को लेकर आशान्वित है जो केवल टीवी के लाइसेंस फीस के समतुल्य हो ।

दीपक

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