देश की खबरें | बजट : विदेश मंत्रालय को वर्ष 2023-24 के लिये 18,050 करोड़ रूपये मिले

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को घोषणा की कि वर्ष 2023-24 के आम बजट में विदेश मंत्रालय को 18,050 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.64 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में मंत्रालय को 17,250 करोड़ रुपये आवंटित किया गया था।

नयी दिल्ली, एक फरवरी केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को घोषणा की कि वर्ष 2023-24 के आम बजट में विदेश मंत्रालय को 18,050 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.64 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में मंत्रालय को 17,250 करोड़ रुपये आवंटित किया गया था।

बजट दस्तावेज के अनुसार, कुल आवंटन में विभिन्न देशों को विकास सहायता के मद में 5,408 करोड़ रुपये तथा जी20 समूह की भारत की अध्यक्षता के मद में 990 करोड़ रुपये शामिल हैं।

इसमें कहा गया है कि भारत की ‘पड़ोस प्रथम’ नीति के अनुरूप विभिन्न देशों को विकास सहायता के मद के अंतर्गत भूटान को सबसे अधिक 2,400 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है जो मंत्रालय के विकास सहायता मद का 41.04 प्रतिशत है।

मालदीव को विकास सहायता के लिये 400 करोड़ रुपये की राशि आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है जो मुख्य रूप से ग्रेटर माले कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट, सामुदायिक विकास परियोजनाओं सहित निर्माणाधीन परियोजनाओं के लिये है।

अफगानिस्तान के लोगों के साथ भारत की विशेष मित्रता एवं प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए बजट में उसके लिए 200 करोड़ रुपये सहायता का प्रस्ताव किया गया है।

संपर्क परियोजनाओं को तवज्जो देते हुए चाबहार परियोजना के लिये 100 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव किया गया है। नेपाल को विकास सहायता के तहत 550 करोड़ रुपये,मारिशस को 460 करोड़ रुपये और म्यांमा को 400 करोड़ रुपये मिलेंगे।

आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका को विकास सहायता के मद में 150 करोड़ रुपये मिलेंगे जबकि अफ्रीकी देशों के लिये 400 करोड़ रुपये का प्रस्ताव किया गयाा।

वर्ष 2023-24 के आम बजट में विदेश मंत्रालय को 18,050 करोड़ रुपये आवंटित किया गया है जो पिछले वर्ष की तुलना में 4.64 प्रतिशत अधिक है। पिछले वित्त वर्ष में मंत्रालय को 17,250 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे।

वित्त मंत्री सीतारमण द्वारा पेश बजट में जी20 समूह की भारत की अध्यक्षता के मद में 990 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह इस बात का संकेत है कि वैश्विक आर्थिक सहयोग के लिये इस प्रमुख मंच को भारत कितना अहमियत देता है।

गौरतलब है कि भारत ने एक दिसंबर को जी20 समूह की अध्यक्षता ग्रहण की। वहीं, भारत की अध्यक्षता में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के आयोजन को लिये भी विशिष्ट आवंटन किया गया है।

दीपक

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