विदेश की खबरें | ब्रिटेन कुछ अवैध प्रवासियों पर नजर रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक टैग का इस्तेमाल करेगा
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लंदन, 18 जून ब्रिटेन की सरकार 12 महीने की एक पायलट योजना शुरू करने जा रही है, जिसमें देश में शरण मांगने वाले कुछ अवैध प्रवासियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इलेक्ट्रॉनिक टैग का इस्तेमाल किया जाएगा।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने योजना का बचाव किया और कहा कि यह आवश्यक है ताकि छोटी नौकाओं में सवार होकर खतरनाक मार्गों से पहुंचे और लॉरियों में छिपे लोग आसानी से गायब न हो सकें।
ब्रिटेन के गृह विभाग के प्रस्तावों से जुड़े दस्तावेज़ों से पता चलता है कि सरकार यह डेटा प्राप्त करना चाहती है कि शरण चाहने वाले कैसे फरार हो जाते हैं।
यूक्रेन से लौटे जॉनसन ने संवाददाताओं से कहा, "यह स्वागत करने वाला बहुत ही उदार देश है। मुझे इस पर गर्व है, लेकिन जब लोग यहां अवैध रूप से आते हैं, जब वे कानून तोड़ते हैं, तो यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि हम यह अंतर करें।"
उन्होंने कहा, "यही हम अपनी रवांडा नीति के साथ कर रहे हैं। यही हम यह सुनिश्चित करने के लिए कर रहे हैं कि शरण चाहने वाले देश के बाकी हिस्सों में गायब न हों।"
अप्रैल में गृह मंत्री प्रीति पटेल द्वारा घोषित रवांडा नीति ब्रिटेन पहुंचने वाले कुछ प्रवासियों को किगाली भेजने का प्रस्ताव करती है।
इस बीच, इंग्लैंड और वेल्स में गृह कार्यालय ने इलेक्ट्रॉनिक टैगिंग परीक्षण बृहस्पतिवार से शुरू कर दिया।
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