लंदन, 29 मई ब्रिटेन की सरकार ने चीन की दूरसंचार कंपनी हुआवेई को लेकर सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतों के मद्देनजर भरत समेत 10 लोकतांत्रिक देशों का 5जी क्लब बनाने के लिये अमेरिका से संपर्क किया है। एक स्थानीय खबर में इसकी जानकारी दी गयी।
स्थानीय अखबार ‘दी टाइम्स’ की खबर के अनुसार, लोकतांत्रिक देशों के इस ‘डी-10’ क्लब में जी7 देशों ‘ब्रिटेन, अमेरिका, इटली, जर्मनी, फ्रांस, जापान और कनाडा’ के अलावा ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण कोरिया और भारत शामिल होंगे। इस समूह का लक्ष्य 5जी उपकरणों के लिये वैकल्पिक आपूर्ति व्यवस्था तैयार करना और चीन पर निर्भरता कम करना है।
यह कदम इस लिहाज से प्रासंगिक हो जाता है कि ब्रिटेन ने हुआवेई पर अमेरिका के द्वारा लगाये गये प्रतिबंधों के मद्देनजर कंपनी के खिलाफ नयी जांच की शुरुआत की है।
अखबार ने ब्रिटेन की सरकार के एक सूत्र के हवाले से लिखा, ‘‘हमें बाजार में नये भागीदारों की आवश्यकता है। यही कारण है कि हमने हुआवेई के साथ आगे बढ़ने के निर्णय को रोक दिया।’’
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यूरोप की कंपनियों में सिर्फ नोकिया और एरिक्सन ही हैं, जो 5जी से संबंधित उपकरणों की आपूर्ति करती हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ये दोनों कंपनियां हुआवेई की तरह 5जी उपकरणों की जल्दी आपूर्ति करने में सक्षम नहीं हैं।
हालांकि ब्रिटेन ने हुआवेई को "उच्च-जोखिम वाला" विक्रेता करार दिया है।
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