देश की खबरें | लोकसभा की सुरक्षा में सेंधः विपक्षी नेताओं ने गृह मंत्री से जवाब मांगा

नयी दिल्ली, 13 दिसंबर विपक्षी दलों के सांसदों ने बुधवार को लोकसभा की सुरक्षा में सेंध की घटना को लेकर गृह मंत्री अमित शाह से स्पष्टीकरण की मांग की।

कई सांसदों ने यह आरोप भी लगाया कि नए संसद भवन में सुरक्षा व्यवस्था पर्याप्त नहीं है और इस पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है।

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान बुधवार को दर्शक दीर्घा से दो लोग अचानक सदन के भीतर कूद गए और 'केन' के जरिये धुआं फैला दिया। इसके तत्काल बाद दोनों को पकड़ लिया गया। सदन में करीब एक बजे शून्यकाल के दौरान यह घटना घटी।

तृणमूल कांग्रेस के लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा कि गृह मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वह संसद की सुरक्षा सुनिश्चित करने में विफल रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘अमित शाह को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। कोई सुरक्षा योजना नहीं है...अगर संसद की सुरक्षा में इस तरह से सेंध लगाई जा सकती है, तो देश कैसे सुरक्षित रह सकता है?’’

बनर्जी ने कहा कि घटना और भी गंभीर हो सकती थी और उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

सदन में कूदने वालों को पकड़ने वाले सांसदों में शामिल रहे हनुमान बेनीवाल ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए कि उनके लिए विजिटर पास की अनुशंसा किसने की।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता और लोकसभा सदस्य बेनीवाल ने कहा, ‘‘शून्यकाल के दौरान 150 से अधिक सांसद मौजूद थे... उन्होंने (कूदने वालों ने) लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास आने की कोशिश की। उनके जूतों में कुछ था।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसकी जांच होनी चाहिए कि वे किसके मेहमान थे।’’

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि यह घटना कई सवाल उठाती है।

उनका कहना था कि उन्हें पता चला है कि सत्तारूढ़ पार्टी के एक सांसद ने दोनों व्यक्तियों के पास का अनुमोदन किया था।

थरूर ने कहा, ‘‘यह कई सवाल उठाता है। उन्हें सत्ताधारी पार्टी के एक सांसद द्वारा लाया गया था, इसलिए हमें और अधिक जानकारी प्राप्त करने की आवश्यकता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इन लोगों ने कुछ ऐसा किया जिससे ज्यादा नुकसान नहीं हुआ लेकिन सोचिए अगर यह अधिक गंभीर होता... यह इतना गंभीर मामला है कि शायद गृह मंत्री खुद देश को सुरक्षा चूक और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में बताना चाहते हों।’’

बहुजन समाज पार्टी से निलंबित किए गए लोकसभा सदस्य दानिश अली ने दावा किया कि सदन में कूदने वाले दोनों व्यक्तियों में से एक सागर शर्मा का पास मैसूर के भाजपा सांसद प्रताप सिम्हा की अनुशंसा पर बना था।

रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (आरएसपी) के सांसद एनके प्रेमचंदन ने कहा कि यह सुरक्षा चूक बहुत गंभीर है क्योंकि ‘सिख फॉर जस्टिस’ के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने संसद पर हमला करने की धमकी दी थी।

उनका कहना था, ‘‘यह भारतीय लोकतंत्र पर हमला है। यह गृह मंत्रालय की ओर से एक बड़ी चूक है। दो हफ्ते पहले, खालिस्तानी पन्नू की ओर से एक धमकी दी गई थी। सुरक्षा कर्मियों का कहना है कि उन्होंने धमकी की पुष्टि की थी और कहा था कि हम अलर्ट पर हैं।’’

राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज झा ने कहा कि सितंबर में विशेष सत्र के दौरान कई सांसदों ने उस वक्त सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी, जब कई आगंतुकों ने सदन के अंदर नारेबाजी की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘यह कोई घटना नहीं, बल्कि एक दुर्घटना है। 2001 में आज ही के दिन हमारी संसद पर हमला हुआ था। उस दिन सत्तापक्ष और विपक्ष के नेता एक साथ खड़े थे। हालांकि, आज, वे (सत्तापक्ष) इस मुद्दे को स्वीकार नहीं कर रहे हैं और इस पर प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं।’’

शिवसेना (यूबीटी) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने पिछले सत्र के दौरान भी सुरक्षा पर चिंता जताई थी, लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।

हक

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