देश की खबरें | बीएमसी को मुंह की खानी पड़ी है : लटके को अदालत से मिली राहत पर शिवसेना के ठाकरे गुट ने कहा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के गुट ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऋतुजा लटके का इस्तीफा स्वीकार करने का बंबई उच्च न्यायालय का आदेश बृहन्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

मुंबई, 13 अक्टूबर उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना के गुट ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऋतुजा लटके का इस्तीफा स्वीकार करने का बंबई उच्च न्यायालय का आदेश बृहन्नमुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के लिए शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

गौरतलब है कि आज दिन में अदालत ने बीएमसी से कहा कि वह लटके का इस्तीफा स्वीकार कर ले ताकि वह तीन नवंबर को अंधेरी ईस्ट विधानसभा सीट पर होने वाला चुनाव लड़ सकें। लटके शिवसेना के उद्धव ठाकरे नीत गुट की उम्मीदवार हैं।

शिवसेना की नेता और मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर ने कहा कि बीएमसी स्वायत संस्था है और राजनीतिक दबाव में काम करके उसे ‘‘खुद का मजाक’’ नहीं बनवाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं शुरुआत से कह रही हूं कि बीएमसी को मुंह की खानी पड़ेगी।’’

बीएमसी में लिपिक के रूप में कार्यरत लटके ने अदालत में दी गई अर्जी में आरोप लगाया था कि उपचुनाव के लिए उन्हें नामांकन भरने से रोकने के लक्ष्य से शहरी निकाय उनका त्यागपत्र स्वीकार नहीं कर रहा है।

उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 14 अक्टूबर है।

गौरतलब है कि शिवसेना से विधायक लटके के पति दिवंगत रमेश लटके की मृत्यु के कारण उपचुनाव हो रहे हैं।

ठाकरे गुट की नेता सुषमा अंधारे ने कहा कि बीएमसी ने पार्टी को दशहरा रैली की अनुमति नहीं देकर भी ऐसा ही किया था। हालांकि अदालत ने बाद में ठाकरे नीत शिवसेना के गुट को शिवाजी पार्क में वार्षिक दशहरा रैली आयोजित करने की अनुमति दे दी थी।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर बीएमसी के अधिकारी राजनेताओं की तरह व्यवहार कर रहे हैं तो उन्हें राजनीतिक दलों की सदस्यता ले लेनी चाहिए। शहरी निकाय से ऐसी आशा नहीं है।’’

अंधारे ने कहा कि पार्टी पूरे दम-खम से उपचुनाव लड़ेगी।

ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता अनिल परब ने अदालत के फैसले का स्वागत किया और प्रतिस्पर्धी दलों से लटके को जीतने देने की अपील की।

पूर्व मंत्री परब ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में अलग राजनीतिक संस्कृति है... अगर विधानसभा के किसी सदस्य की मृत्यु होती है और उसके परिवार के सदस्य उपचुनाव लड़ना चाहते हैं तो, वह निर्विरोध होता है। वे (भाजपा-एकनाथ शिंदे नीत शिवसेना गुट) को यह चुनाव निर्विरोध होने देना चाहिए। यह राज्य की संस्कृति को बरकरार रखेगा।’’

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