विदेश की खबरें | ब्लिंकन ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ताकत और बढ़ाने का संकल्प लिया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. ब्लिंकन ने कहा कि (राष्ट्रपति जो) बाइडन प्रशासन क्षेत्र में शांति और समृद्धि कायम रखने को लेकर प्रतिबद्ध है और वह अमेरिका के गठबंधन को मजबूत कर, नए साझेदार बना कर और अमेरिकी सैन्य की प्रतिस्पर्धी बढ़त को कायम कर यह सुनिश्चित करेगा।

ब्लिंकन ने कहा कि (राष्ट्रपति जो) बाइडन प्रशासन क्षेत्र में शांति और समृद्धि कायम रखने को लेकर प्रतिबद्ध है और वह अमेरिका के गठबंधन को मजबूत कर, नए साझेदार बना कर और अमेरिकी सैन्य की प्रतिस्पर्धी बढ़त को कायम कर यह सुनिश्चित करेगा।

उन्होंने हिंद प्रशांत को लेकर प्रशासन की योजना को रेखांकित करते हुए इंडोनेशिया में कहा, ‘‘ खतरा मंडरा रहा है, हमारी सुरक्षा तैयारी उसके ईर्द-गिर्द है। यह करने के लिए हम अपनी सबसे बड़ी ताकत की ओर झुकेंगे जो हमारा गठबंधन और साझेदारी है।’’

ब्लिंकन ने कहा, ‘‘हम ऐसी रणनीति अंगीकार करेंगे जो हमारी राष्ट्रीय ताकत- कूटनीति, सैन्य, खुफिया सूचना- को हमारे साझेदारों और सहयोगियों के साथ लाती है।’’ उन्होंने कहा कि इसमें अमेरिकी और एशियाई रक्षा उद्योग को जोड़ना, आपूर्ति श्रृंखला को एकीकृत करना और प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष में सहयोग करना शामिल है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह हमारी ताकत को मजबूत करने के लिए है ताकि हम शांति कायम रख सकें, जैसा हमने दशकों से इस क्षेत्र में किया है।’’

ब्लिंकन ने जोर देकर कहा कि अमेरिका देशों को उसके और चीन के बीच चुनने पर जोर नहीं दे रहा है और न ही चीन के साथ संघर्ष चाहता है। लेकिन इसके साथ ही उन्होंने बीजिंग के ‘‘उत्तरपूर्वी एशिया और दक्षिण पूर्वी एशिया में, मेकॉन्ग नदी से प्रशांत द्वीपों तक आक्रमक रुख’’ की शिकायत की।

ब्लिंकन दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के एक सप्ताह के दौरे के तहत पहले पड़ाव इंडोनेशिया पहुंचे है। वह मलेशिया और थाईलैंड भी जाएंगे।

चीन की बढ़ती आक्रामकता का मुकाबला करना, खासतौर पर दक्षिण चीन सागर में, हांगकांग और ताइवान के खिलाफ उनके एजेंडे में है।

उन्होंने कहा, ‘‘ क्षेत्र के देश चाहते हैं कि उसके (चीन) व्यवहार में बदलाव आए। हम करेंगे। हम दक्षिण चीन सागर में स्वतंत्र नौवहन को लेकर प्रतिबद्ध हैं। यही वजह है कि हम ताइवान जलडमरुमध्य में शांति और स्थिरता को लेकर रुचि ले रहे हैं।’’

ब्लिंकन ने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में पांच संधि सहयोगियों- ऑस्ट्रेलिया, जापान, फिलीपीन, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड- के जरिेये ‘ मजबूत संबंध बनाएगा। उनके बीच संबंधों को बढ़ावा देगा और दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संघ के साथ साझेदारी को मजबूत करेगा जिसके कई सदस्य देश चीन से खतरा महसूस करते हैं।

ब्लिंकन सोमवार को इंडोनेशिया पहुंचे, जहां पर पहले से ही रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के शीर्ष सहायक और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार निकोले पत्रुशेव सुरक्षा वार्ता के लिए मौजूद थे।

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