विदेश की खबरें | ब्लिंकन ने यूक्रेन से आये शरणार्थियों की जोखिमभरी यात्रा की कहानी सुनी
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. अमेरिका के शीर्ष राजनयिक ने माताओं और उनके बच्चों से उनकी लंबी और जोखिमभरी यात्रा की कहानी सुनी।
अमेरिका के शीर्ष राजनयिक ने माताओं और उनके बच्चों से उनकी लंबी और जोखिमभरी यात्रा की कहानी सुनी।
ब्लिंकन से 12 साल की वेनेरा अहमदी ने कहा, ‘‘हमने अपने घर के पास बम विस्फोटों की आवाज़ सुनी।’’ उसने कहा कि वह अपने भाई और बहन, छह कुत्तों और सात बिल्लियों के साथ यूक्रेन की राजधानी कीव से 600 किलोमीटर अधिक दूर आयी थी।
उसने बताया, ‘‘हम सीमा की ओर चलते गए, मुझे नहीं पता कि हम कितने घंटे चले। हमने पैदल ही सीमा पार की।’’वेनेरा की 16 वर्षीय बहन, जैस्मीन ने कहा, ‘‘मुझे यह डर सता रहा था कि मैं मर जाऊंगी।’’
नतालिया कादिग्रोब (48) अपनी चार दत्तक संतान के साथ जर्मनी स्थित अपने भाई के घर जाने के लिए क्रोपिव्नित्स्की से लगभग 800 किलोमीटर बस से सफर कर इस केंद्र पर पहुंची, जबकि उसके पति साथ नहीं आए।
उसने कहा, ‘‘वहां हवाई अड्डे पर विमानों पर बमबारी की गई। नि:संदेह हम भयभीत थे।’’
तात्याना (58) ने अपनी बेटी एना (37) और उसकी छह वर्षीय और एक वर्षीय बेटियों कात्या और किरा के साथ खारकीव से लगभग 1,000 किलोमीटर दूर आई है।
तात्याना ने कहा, ‘‘वे सड़क पर गोलीबारी कर रहे थे।’’ एना ने कहा कि उनका घर एक गोले या रॉकेट से नष्ट हो गया था। जब धमाका हुआ तब वह अपनी बेटियों के साथ बेसमेंट में थी।
एना ने कहा, ‘‘उन्हें स्कूल में होना चाहिए, वे बच्चे हैं, वे समझते ही नहीं हैं।’’
ब्लिंकन सीमा और सीमा चौकी पर जाने से पहले पोलैंड के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत के लिए रेजजो शहर में थे।
ब्रसेल्स में नाटो के विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के एक दिन बाद उन्होंने पोलैंड के प्रधानमंत्री मैत्यूज मोराविएकी और विदेश मंत्री ज़बिग्न्यू राऊ से मुलाकात की। सैन्य गठबंधन ने रूसी आक्रमण का मुकाबला करने के लिए पोलैंड जैसे पूर्वी देशों के लिए सहयोग मजबूत करने का संकल्प लिया।
हालांकि, नाटो ने गैर-सदस्य यूक्रेन के ऊपर ‘उड़ान निषिद्ध क्षेत्र’ घोषित करने से इंकार कर दिया है, लेकिन इसने सैन्य और मानवीय सहायता दोनों काफी बढ़ाया है। रेज़ज़ो यूक्रेन सीमा से लगभग 80 किलोमीटर (50 मील) दूर है और इसका हवाई अड्डा ऐसी सहायता ले जाने वाली उड़ानों का केंद्र बन गया है।
ब्लिंकन ने कहा कि पोलैंड की उनकी यात्रा "हमारे दोनों देशों के बीच लंबे इतिहास में सबसे जरूरी क्षणों में से एक है’’ और कहा कि देश में अमेरिकी सैनिकों की हालिया तैनाती जारी रहेगी।
राऊ ने कहा कि पोलैंड पहले ही यूक्रेन से 700,000 से अधिक शरणार्थियों को ले चुका है और आने वाले हफ्तों में सैकड़ों हजारों और शरणार्थियों के आने की उम्मीद है, यदि रूस पीछे नहीं हटा तो।
उन्होंने कहा, "पोलैंड कभी भी अकारण, गैर-कानूनी आक्रामकता से लाए गए क्षेत्रीय परिवर्तनों को मान्यता नहीं देगा।’’ उन्होंने कहा कि उनका देश मांग करेगा कि यूक्रेन में किए गए कथित रूसी युद्ध अपराधों को लेकर मुकदमा चलाया जाए।
ब्लिंकन के साथ बैठक के बाद मोराविएकी ने कहा कि वे नाटो के पूर्वी हिस्से को और मजबूत करने और यूरोप की सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता पर सहमत हुए। पोलैंड अपने क्षेत्र में और अधिक अमेरिकी सैनिकों की मांग कर रहा है, जहां वर्तमान में 10,000 से अधिक अमेरिकी सैनिक हैं।
दोनों नेताओं ने रूस पर प्रतिबंधों को बढ़ाने और उसकी संपत्तियों को जब्त करने पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि किसी भी रूसी बैंक को स्विफ्ट प्रणाली से बाहर किये जाने से छूट नहीं दी जानी चाहिए।
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