देश की खबरें | विफल रहा संयुक्त किसान मोर्चे का ‘काला दिवस’: भाजपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के छह महीने पूरा होने पर आयोजित ‘‘काला दिवस’’ पूर्णत: विफल रहा और 12 विपक्षी दलों द्वारा इसका समर्थन किए जाने के बाद यह आंदोलन अपनी पवित्रता खो बैठा है।

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नयी दिल्ली, 27 मई भाजपा ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के छह महीने पूरा होने पर आयोजित ‘‘काला दिवस’’ पूर्णत: विफल रहा और 12 विपक्षी दलों द्वारा इसका समर्थन किए जाने के बाद यह आंदोलन अपनी पवित्रता खो बैठा है।

भाजपा किसान मोर्चा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पार्टी के कार्यकर्ता जहां एक तरफ देश भर में सेवा ही संगठन के तहत ‘हेल्प डेस्क’ लगा कर लोगों की सेवा व सहयोग कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ संयुक्त किसान मोर्चा ऐसे आयोजनों के जरिए कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दे रहा है।

किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी मनोज यादव ने कहा, ‘‘तथाकथित किसान नेता कोरोना के ‘सुपर स्प्रेडर’ बन रहे हैं और पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण को गांव गांव तक फैला रहे हैं।’’

ज्ञात हो कि केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने अपने आंदोलन के छह माह पूरे होने पर बुधवार को ‘काला दिवस’ मनाया और इस दौरान सिंघू, टीकरी और गाजीपुर बॉर्डर प्रदर्शन स्थलों के साथ ही पंजाब और हरियाणा में किसानों ने काले झंडों के साथ मार्च किया, पुतले फूंके और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

प्रशासन ने लोगों से कोरोना वायरस संक्रमण से हालात और लागू लॉकडाउन के मद्देनजर इकट्ठे नहीं होने की अपील की थी।

भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा था कि अगर महामारी के दौरान कानून बन सकते हैं, तो वे वापस क्यों नहीं लिए जा सकते?

ब्रजेन्द्र

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