देश की खबरें | भाजपा बिहार में ‘‘महाराष्ट्र प्रकरण’’ को दोहराने की कोशिश कर रही है: नीतीश कुमार के प्रमुख सहयोगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वासपात्र माने जाने वाले विजय कुमार चौधरी ने राजद नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ सीबीआई के आरोपपत्र के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की गयी मांग को खारिज करते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि भाजपा बिहार में ‘‘महाराष्ट्र प्रकरण’’ को दोहराने की कोशिश कर रही है।

पटना, चार जुलाई बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वासपात्र माने जाने वाले विजय कुमार चौधरी ने राजद नेता और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव एवं अन्य आरोपियों के खिलाफ सीबीआई के आरोपपत्र के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की गयी मांग को खारिज करते हुए मंगलवार को आरोप लगाया कि भाजपा बिहार में ‘‘महाराष्ट्र प्रकरण’’ को दोहराने की कोशिश कर रही है।

बिहार के मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ नेता चौधरी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘सिर्फ आरोप पत्र दाखिल करने से अपराध साबित नहीं हो जाता। इसके अलावा यह (सीबीआई) एक ऐसी एजेंसी है जिसे अपने कामकाज के लिए आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है। उपमुख्यमंत्री ने खुद अपने खिलाफ ऐसी कार्रवाई की आशंका जताई थी ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह मत भूलिए कि अजित पवार पर भी भाजपा ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था। वह उनके इस्तीफे (एमवीए सरकार के उपमुख्यमंत्री के रूप में) की मांग करती थी। अब भाजपा ने उन्हें अपनी ही सरकार में उपमुख्यमंत्री बना लिया है।’’

अजित पवार ने रविवार को राकांपा में विद्रोहकर उपमुख्यमंत्री बनने के लिए महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना-भाजपा गठबंधन से हाथ मिला लिया।

चौधरी ने कहा, ‘‘भाजपा यहां महाराष्ट्र का प्रकरण दोहराने की कोशिश कर रही है। लेकिन यहां महागठबंधन बहुत मजबूत है।’’

चौधरी ने जदयू में भी विभाजन होने का दावा करने को लेकर भाजपा नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी का उपहास करते हुए कहा, ‘‘जिस पार्टी के पास नीतीश कुमार का विश्वसनीय नेतृत्व हो उसे कोई क्यों छोड़ना चाहेगा। अगर कोई चाहता भी हो तो वह उस व्यक्ति को अपने इरादे क्यों बताएगा जो राजनीतिक हाशिए पर है।’’

जदयू नेता ने कहा, ‘‘जब लोग जहाज से कूदते हैं तो क्या इसकी पहले से घोषणा की जाती है। इस तरह के घटनाक्रम की विशेषता गोपनीयता होती है जिसे हमने महाराष्ट्र में देखा ।’’

जदयू ने पिछले साल विपक्षी खेमे में जाकर भाजपा को चौंका दिया था।

चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा, उपेन्द्र कुशवाह की आरएलजेडी और चिराग पासवान की आरएलजेडी जैसे संभावित भाजपा सहयोगी लोकसभा चुनाव से पहले जदयू में विभाजन की अफवाहें फैला रहे हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now