नयी दिल्ली, छह जून वाम दलों ने सोमवार को आरोप लगाया कि पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादित टिप्पणी करने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दूसरे देशों के दबाव में आकर अपने पदाधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने को विवश हुई।
भाजपा ने रविवार को अपनी राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया और पार्टी की दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को निष्कासित कर दिया।
पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ दोनों नेताओं की कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर कुछ मुस्लिम देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने ट्वीट किया, ‘‘नुपूर शर्मा ने समर्थन के लिए अमित शाह, प्रधानमंत्री कार्यालय और अन्य लोगों का सार्वजनिक रूप से आभार जताया था। अब दूसरे देशों के दबाव के चलते वे उनके खिलाफ कार्रवाई करने को विवश हुए हैं। ये घृणा फैलाने वाले लोग हैं। इनकी निंदा करें, इन्हें अलग-थलग करें, इन्हें हराएं, भारत को बचाएं।’’
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव सीतराम येचुरी ने सवाल किया कि भाजपा की तरफ से अपनी बात रखने वाले नेताओं को ‘अराजक तत्व’ कैसे कहा जा सकता है?
उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा की तरफ से आधिकारिक जिम्मेदारी निभाने वाले नेताओं को अराजक तत्व नहीं कहा जा सकता।’’
वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के महासचिव डी राजा ने कहा, ‘‘तथाकथित ‘अराजक तत्व’ भारत में सत्तारूढ़ पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता थे। उन्होंने जो कहा, वह अल्पसंख्यकों का गलत चित्रण पेश करने के राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के कथन से अलग नहीं है, जो 1925 से चला आ रहा है।’’
उन्होंने सवाल किया, ‘‘क्सा सरकार आरएसएस को भी अराजक संगठन घोषित करने जा रही है?’’
हक
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