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देश की खबरें | भाजपा ने केरल के सांसदों से वक्फ विधेयक का समर्थन करने का अनुरोध किया; माकपा, आईयूएमएल ने विरोध किया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस नीत यूडीएफ के प्रमुख घटक दल आईयूएमएल द्वारा बुधवार को केंद्र के वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने का संकेतों के बीच भाजपा की प्रदेश इकाई ने राज्य के सांसदों से विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया।

देश की खबरें | भाजपा ने केरल के सांसदों से वक्फ विधेयक का समर्थन करने का अनुरोध किया; माकपा, आईयूएमएल ने विरोध किया

तिरुवनंतपुरम/मदुरै, दो अप्रैल केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस नीत यूडीएफ के प्रमुख घटक दल आईयूएमएल द्वारा बुधवार को केंद्र के वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने का संकेतों के बीच भाजपा की प्रदेश इकाई ने राज्य के सांसदों से विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया।

माकपा की राज्य इकाई के सचिव एम वी गोविंदन ने स्पष्ट किया कि पार्टी सांसद संसद में विधेयक के खिलाफ मतदान करेंगे।

इसी तरह का रुख अपनाते हुए इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के प्रमुख पनक्कड़ सैय्यद सादिक अली शिहाब थंगल ने कहा कि सभी धर्मनिरपेक्ष दलों ने संसद में विधेयक का विरोध करने का फैसला किया है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि विधेयक पारित हुआ तो मुस्लिम लीग इसे अदालत में चुनौती देगी।

आईयूएमएल के राष्ट्रीय महासचिव पी के कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि यह कानून खतरनाक है क्योंकि यह केवल मुस्लिम समुदाय को प्रभावित नहीं करेगा।

उन्होंने मलप्पुरम में पत्रकारों से कहा, ‘‘कल वे (केंद्र) अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की संपत्तियां जब्त कर लेंगे। इसलिए हमें इसे बड़े परिप्रेक्ष्य में देखना होगा।’’

कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि मुनंबम मुद्दे के समाधान के लिए विधेयक की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इसे केरल सरकार द्वारा सुलझाया जा सकता है।

एर्नाकुलम जिले के चेराई और मुनंबम गांवों में निवासियों ने आरोप लगाया है कि वक्फ बोर्ड उनकी जमीन और संपत्तियों पर अवैध रूप से दावा कर रहा है, जबकि लोगों के पास पंजीकृत दस्तावेज और भूमि कर भुगतान की रसीदें हैं।

माकपा और आईयूएमएल द्वारा विधेयक का विरोध किए जाने के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने केरल के सांसदों से विधेयक का समर्थन करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि यह विधेयक किसी भी समुदाय के खिलाफ नहीं है और इससे मुनंबम के लोगों के समक्ष आ रही समस्याओं को सुलझाने में मदद मिलेगी।

चंद्रशेखर ने तिरुवनंतपुरम में कहा, ‘‘मैं मुनंबम की जनता की ओर से इस विधेयक का समर्थन करने का अनुरोध करता हूं। यदि वे (केरल के सांसद) विधेयक का समर्थन नहीं करते हैं, तो लोगों को लगेगा कि वे अभी भी तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं।’’

उनका यह बयान भाजपा द्वारा विधेयक के विरोध में केरल के सांसदों के आवासों तक मार्च निकालने के बीच आया है।

इस बीच, इस्लामिक विद्वान अब्दुल समद पूककोट्टूर ने कहा कि इस विधेयक का मुनंबम मुद्दे से कोई संबंध नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि इसे केवल राजनीतिक फायदे के लिए और राज्य में सद्भाव को बिगाड़ने के लिए मुनंबम मुद्दे से जोड़ा जा रहा है।

इससे पहले दिन में गोविंदन ने तमिलनाडु के मदुरै में दो से छह अप्रैल तक आयोजित पार्टी के 24वें अधिवेशन से इतर मीडिया से बातचीत में पार्टी के रुख पर बात की।

गोविंदन ने इस मुद्दे पर केरल कैथोलिक बिशप काउंसिल (केसीबीसी) द्वारा अपनाए गए रुख को भी खारिज कर दिया और कहा कि इससे मामले पर पार्टी के विचार प्रभावित नहीं होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कोई संदेह नहीं है कि हम वक्फ विधेयक के खिलाफ हैं। हमने अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है। हम दूसरों के कहने पर अपना रुख नहीं बदलते। हमारा रुख स्पष्ट है।’’

उन्होंने दावा किया कि कुछ ताकतें विभिन्न समुदायों के बीच संघर्ष पैदा करने का प्रयास कर रही हैं।

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 02, 2025 04:52 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).