बेंगलुरु, दो मई कर्नाटक में हर नगर निगम के प्रत्येक वार्ड में 'अटल आहार केंद्र' स्थापित करने के भाजपा के वादे ने सिद्धरमैया सरकार द्वारा अगस्त 2017 में शुरू की गई 'इंदिरा कैंटीन' के भविष्य पर सवालिया निशान लगा दिया है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सोमवार को 'प्रजा प्रणालिका' (नागरिकों का घोषणापत्र) जारी किया।
पार्टी ने अपने घोषणापत्र में कहा, "हम राज्य के हर नगर निगम के हर वार्ड में एक 'अटल आहार केंद्र' स्थापित करेंगे जो राज्य भर में सस्ता, गुणवत्तापूर्ण और स्वास्थ्यकर भोजन उपलब्ध कराएंगे। इसमें भोजन पहुंचाने वाले कर्मियों, कैब, ऑटो चालकों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विशेष ध्यान दिया जाएगा।"
नड्डा ने इंदिरा कैंटीन के भविष्य के संबंध में एक सवाल के जवाब में कहा, "मैं इंदिरा कैंटीन 'योजना' के बारे में नहीं जानता, लेकिन मुझे पता है कि यह (अटल आहार केंद्र) आम आदमी की मदद करने जा रहा है।"
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने कहा, "यह हास्यास्पद है कि भाजपा सरकार अपने कार्यकाल के दौरान राज्य भर में कांग्रेस द्वारा स्थापित 600 इंदिरा कैंटीन को प्रतिशोध की भावना से बंद करने के बाद 'अटल आहार केंद्र' खोलने का वादा कर रही है।"
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, बेंगलुरु में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने करीब 200 जगहों पर 94 करोड़ रुपये के निवेश से इंदिरा कैंटीन की स्थापना की थी।
कांग्रेस ने पूर्व में कई बार वर्तमान भाजपा सरकार पर इंदिरा कैंटीन को बंद करने या इनका नाम बदलने और इन्हें निरर्थक बनाने का आरोप लगाया था।
कांग्रेस सरकार ने तमिलनाडु की 'अम्मा कैंटीन' की तर्ज पर अगस्त 2017 में इंदिरा कैंटीन योजना शुरू की थी।
इंदिरा कैंटीन परियोजना में शामिल रहे एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने पीटीआई- से कहा, ‘‘इंदिरा कैंटीन परियोजना के लिए सरकार ने 94 करोड़ रुपये की व्यवस्था की थी। हमने बृहद बेंगलुरु महानगर पालिका के प्रत्येक वार्ड में प्रत्येक कैंटीन के निर्माण पर 30 लाख रुपये और प्रत्येक रसोई पर 60 लाख रुपये खर्च किए।’’
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