देश की खबरें | भाजपा सांसदों की दानिश अली के आचरण की जांच की मांग तेज; बसपा नेता ने 'लिंचिंग' के लिए विमर्श तैयार करने का आरोप लगाया

नयी दिल्ली, 24 सितंबर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से लोकसभा में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद दानिश अली के आचरण की जांच करने का अनुरोध करने वाले भाजपा सांसदों की संख्या बढ़ने के बीच अली ने रविवार को दावा किया कि सदन के बाहर उनकी ‘लिंचिंग’ के लिए विमर्श तैयार किया जा रहा है।

दानिश अली ने अपने खिलाफ लगाए गए इस आरोप को भी निराधार बताया कि उन्होंने सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्य रमेश बिधूड़ी को उकसाया था जिसके बाद बिधूड़ी ने अली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।

लोकसभा में बृहस्पतिवार को चंद्रयान-3 की सफलता पर चर्चा के दौरान दानिश अली के खिलाफ बिधूड़ी की ‘निंदनीय और सांप्रदायिक’ टिप्पणियों के लिए उन्हें निलंबित करने सहित सख्त कार्रवाई की मांग करने वाली विपक्षी पार्टियों ने भाजपा पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि वह अपने सांसद को दंडित करने के बजाय उनका बचाव करने की कोशिश कर रही है।

अली ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैंने निशिकांत दुबे का (बिरला को लिखा) पत्र देखा है। सदन के अंदर मेरी मौखिक ‘लिंचिंग’ की गई और अब सदन के बाहर मेरी लिंचिंग के लिए विमर्श तैयार किया जा रहा है। मैं अध्यक्ष से आधारहीन आरोप की जांच कराने का अनुरोध करूंगा। आधारहीन आरोप से निशिकांत दुबे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का मामला बनता है।’’

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा बिधूड़ी को इस तरह का व्यवहार दोहराए जाने पर ‘सख्त कार्रवाई’ की चेतावनी देने के एक दिन बाद, दुबे ने शनिवार को अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा कि जहां वह अपनी पार्टी के सहयोगी की टिप्पणियों की निंदा करते हैं, वहीं अली के कथित ‘अप्रिय’ आचरण और टिप्पणियों की भी जांच होनी चाहिए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन में बिधूड़ी की टिप्पणी पर खेद व्यक्त किया था और भाजपा ने दक्षिण दिल्ली से सांसद को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।

बिरला को लिखे पत्र में दुबे ने आरोप लगाया था कि अली ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ ‘अत्यधिक आपत्तिजनक और निंदनीय’ टिप्पणी की थी जिससे बिधूड़ी भड़क गए थे।

भाजपा सांसद रवि किशन शुक्ला और हरनाथ सिंह यादव ने भी रविवार को सभापति को पत्र लिखकर सदन में अली के आचरण पर सवाल उठाया और इसकी जांच की मांग की।

इस बीच, दुबे ने रविवार को बिधूड़ी की टिप्पणियों की फिर से निंदा करते हुए कहा कि कोई भी सभ्य समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा।

लेकिन साथ ही उन्होंने दावा किया कि अली बार-बार अपराध करते हैं और सदन में उनके ‘कदाचार’ के सभी सबूत अब खुले में आ जाएंगे।

उन्होंने यह भी दावा किया कि अली कांग्रेस में शामिल होने की योजना बना रहे हैं और इसीलिए दोनों मिलकर एक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

भाजपा सांसद ने आरोप लगाया कि यह मामला यह दिखाने की एक ''साजिश'' है कि देश में ‘अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं’ हैं।

लोकसभा अध्यक्ष को लिखे अपने पत्र में शुक्ला ने कहा कि बिधूड़ी ने अली के खिलाफ जो भी शब्द इस्तेमाल किए वे ‘हर तरह से अस्वीकार्य’ थे, लेकिन उन परिस्थितियों की भी जांच करने की जरूरत है जिसके कारण सदन में एक सांसद द्वारा दूसरे सदस्य के खिलाफ ‘ऐसे आपत्तिजनक’ शब्दों का इस्तेमाल किया गया।

शुक्ला ने आरोप लगाया, ''उन्होंने (अली ने) दो बार मेरे खिलाफ असंसदीय का इस्तेमाल किया था। पिछले साल नौ दिसंबर को जब मैं अपना निजी विधेयक 'जनसंख्या नियंत्रण विधेयक, 2019' सदन में पेश कर रहा था, तब दानिश अली ने मुझे रोकने की कोशिश की। उन्होंने मेरे खिलाफ व्यक्तिगत टिप्पणी की और कहा कि मैं सदन में एक निजी विधेयक पेश कर रहा हूं, जबकि मेरे खुद चार बच्चे हैं।”

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