पटना, 03 सितंबर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने रविवार को तमिलनाडु के मंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) नेता उदयनिधि स्टालिन द्वारा "सनातन धर्म" के खिलाफ की गई टिप्पणी को "देशद्रोह" करार दिया और उनकी गिरफ्तारी की मांग की।
राज्यसभा सांसद ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद से द्रमुक के साथ उनकी निकटता के मद्देनजर इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने को भी कहा।
बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने यहां संवाददाताओं से कहा, "सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से करने के लिए उदयनिधि स्टालिन को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और जेल भेजा जाना चाहिए।" सुशील ने कहा, ‘‘यह बयान देशद्रोह के समान है क्योंकि स्टालिन ने आस्था को नुकसान पहुंचाने वाली बुराइयों को खत्म करने की वकालत नहीं की, बल्कि आस्था को ही जड़ से खत्म करने का आह्वान किया। द्रमुक ऐतिहासिक रूप से इस प्रकार की राजनीति से जुड़ी रही है।"
उदयनिधि स्टालिन के पिता एम के स्टालिन तमिलनाडु के मुख्यमंत्री हैं और द्रमुक के प्रमुख हैं।
उदयनिधि ने शनिवार को लेखकों और कलाकारों की एक बैठक को संबोधित करते हुए ये टिप्पणियां कीं।
सुशील ने "नवगठित गठबंधन ‘इंडिया’, जिसका द्रमुक भी एक हिस्सा है, के प्रमुख नेताओं नीतीश कुमार, लालू प्रसाद और राहुल गांधी (कांग्रेस नेता)" की चुप्पी पर भी सवाल उठाया।
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि बिहार में महागठबंधन सरकार भी "इसी प्रकार का हिंदू विरोधी रुख" प्रदर्शित कर रही है।
सुशील ने आरोप लगाया, "स्कूलों की छुट्टियों की सूची में बदलाव का उदाहरण लें। उन्होंने (बिहार की वर्तमान महागठबंधन सरकार) कई हिंदू त्योहारों पर स्कूल खुले रखने का फैसला किया है, लेकिन चेहल्लुम या पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन पर ऐसा करने की हिम्मत नहीं हुई। लोग गुस्से में हैं। रक्षा बंधन के दिन कोई भी छात्र स्कूल नहीं आया। "
केंद्रीय कैबिनेट में मंत्री गिरिराज सिंह ने अपने लोकसभा क्षेत्र बेगुसराय में कहा, "द्रमुक नेता का बयान हिंदुओं के लिए एक चुनौती है, जिन्हें जाति के आधार से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा और हिंदू विरोधी ‘इंडिया’ गठबंधन को हराना होगा।’’
लोक जनशक्ति पार्टी के पूर्व अध्यक्ष चिराग पासवान ने भी विवादास्पद टिप्पणी के लिए द्रमुक नेता पर निशाना साधा। उन्होंने नालंदा जिले में पत्रकारों से कहा, "मैं जानना चाहता हूं कि क्या नीतीश कुमार और लालू प्रसाद तमिलनाडु के अपने गठबंधन सहयोगी की विभाजनकारी राजनीति को स्वीकार करते हैं।"
चिराग के चाचा पशुपति कुमार पारस, जो एक केंद्रीय मंत्री हैं, ने समस्तीपुर में कहा, "यह बयान द्रमुक की विचारधारा का प्रतिबिंब हो सकता है। हम इस दृष्टिकोण को नहीं मानते हैं।"
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