देश की खबरें | भाजपा संविधान से ‘धर्मनिरपेक्षता’ और ‘समाजवाद’ को हटाने का प्रयास कर रही है: खरगे

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भुवनेश्वर, 11 जुलाई कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार संविधान से ‘धर्मनिरपेक्षता’ और ‘समाजवाद’ को हटाने का प्रयास कर रही है तथा गरीबों और आदिवासियों की रक्षा के लिए बनाए गए कानूनों को कमजोर कर रही है।

खरगे ने यहां पार्टी के 'संविधान बचाओ समावेश' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि देश के आदिवासियों, दलितों, महिलाओं और युवाओं को भाजपा शासन में अपने अधिकारों के लिए लड़ना सीखना होगा।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का मिशन संविधान को बदलना है...केंद्र की भाजपा सरकार हमारे संविधान से धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद को हटाने का प्रयास कर रही है।’’

खरगे ने कहा कि कांग्रेस 2006 में गरीबों और आदिवासियों की रक्षा के लिए वन अधिकार अधिनियम लायी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार इस कानून को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने दावा किया, "उद्योग के नाम पर भाजपा सरकार हर जगह जंगलों को नष्ट कर रही है... अगर दलित, आदिवासी और युवा अपने अधिकारों के लिए लड़ना नहीं सीखेंगे, तो वे उनका भी सफाया कर देंगे।"

खरगे ने ओडिशा में भाजपा समर्थकों पर दलितों और सरकारी अधिकारियों पर हमला करने का भी आरोप लगाया।

उन्होंने आरोप लगाया, "ओडिशा के गंजाम में हाल ही में दो दलित पुरुषों के बाल काट दिये गए, उन्हें घुटनों के बल चलने को मजबूर किया गया, घास खाने और गंदा पानी पीने पर मजबूर किया गया... भुवनेश्वर में एक सरकारी अधिकारी पर भी सरेआम हमला किया गया।’’

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार ने भारत में 160 सार्वजनिक उपक्रम स्थापित किए थे, जबकि भाजपा सरकार ने "उनमें से 23 का निजीकरण कर दिया।”

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, "मोदी जी कांग्रेस के समय की सार्वजनिक संपत्तियां अपने दोस्तों को बेच रहे हैं। उनका एक ही एजेंडा है - संविधान को नष्ट करना। पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान, उन्होंने मतदाताओं से 400 से ज्यादा सीट जिताने का अनुरोध किया था, ताकि वे संविधान बदल सकें।"

बाद में खरगे ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि कांग्रेस सरकारों के दौरान पारादीप बंदरगाह, राउरकेला इस्पात संयंत्र, हीराकुंड बांध, नाल्को, एनटीपीसी, चिल्का नौसेना अकादमी, मंचेश्वर में रेल कोच कारखाना, कोरापुट में एचएएल और आयुध फैक्ट्री की स्थापना की गई।

उन्होंने दावा किया, ‘‘मोदी जी ओडिशा के लोगों की गाढ़ी कमाई अपने अरबपति दोस्तों को सौंप रहे हैं। सभी सरकारी कारखाने, सरकारी कंपनियां, खदानें, बंदरगाह, हवाई अड्डे, जंगल, जमीन - सब कुछ मोदी जी के चंद दोस्तों को दिया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बड़े-बड़े दावे करने वाली भाजपा का ओडिशा और भुवनेश्वर के लिए योगदान ‘‘शून्य’’ है।

उन्होंने भाजपा राज्य के लिए कुछ किए बिना सिर्फ श्रेय लेना चाहती है लेकिन, कांग्रेस ओडिशा के लोगों के साथ खड़ी है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खरगे ने कहा, ‘‘सवाल यह है कि ओडिशा प्राकृतिक संसाधनों के मामले में भारत का सबसे समृद्ध राज्य है, तो फिर यहां के आदिवासी दुनिया में सबसे ज़्यादा गरीबी में क्यों जी रहे हैं?’’

केंद्र सरकार पर अपना हमला जारी रखते हुए, खरगे ने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाएं संविधान के अनुसार नहीं, बल्कि "भाजपा के इशारे पर" काम करती हैं।

उन्होंने दावा किया, ‘‘इसी तरह, अब लोगों के मताधिकार पर सीधा हमला हो रहा है। पहले महाराष्ट्र और अब बिहार। चुनाव से ठीक पहले, बिहार में गरीब, उत्पीड़ित, शोषित और वंचित लोगों के मताधिकार छीने जा रहे हैं।’’

खरगे का इशारा बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की ओर था, जहां इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

निर्वाचन आयोग ने बिहार में अपात्र नामों को हटाने और यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए हैं कि सभी पात्र नागरिक मतदाता सूची में शामिल हों ताकि वे चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।

खरगे ने कहा, ‘‘लेकिन उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और निर्वाचन आयोग के फैसले पर सवाल उठाये। उसने निर्देश दिया कि आधार कार्ड, मतदाता पहचानपत्र और राशन कार्ड को भी दस्तावेजों की सूची में शामिल किया जाए।’’

हाल ही में हुए भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष पर टिप्पणी करते हुए, खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के युद्धविराम कराने के दावों पर भाजपा सरकार की "चुप्पी" की आलोचना की।

उन्होंने कहा, ‘‘ट्रंप ने 16 बार ऐसे बयान दिए, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने भारत से एक युद्धविराम के लिए कहा। लेकिन, मोदी जी चुप रहे क्योंकि उनमें ट्रंप के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं है।’’

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