कोलकाता, 14 सितंबर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) राज्य सचिवालय नबन्ना तक के अपने मार्च के लिए राज्य के बाहर से ट्रेनों में बमों से लैस गुंडों को लेकर आयी थी। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी ने यह भी कहा कि पुलिस मंगलवार के विरोध मार्च के दौरान भाजपा के ‘‘हिंसक’’ प्रदर्शनकारियों पर गोली चला सकती थी, लेकिन सरकार ने ‘‘अधिकतम’’ संयम बरता।
पूर्व मेदिनीपुर जिले के निमटौरी में एक प्रशासनिक बैठक के दौरान उन्होंने कहा, ‘‘उस रैली में भाग लेने वालों ने कई पुलिसकर्मियों पर बेरहमी से हमला किया... पुलिस गोली चला सकती थी, लेकिन हमारे प्रशासन ने अधिकतम संयम का प्रदर्शन किया।’’
रैली के दौरान, भाजपा समर्थकों और पुलिस के बीच झड़प हुई। भाजपा समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया, एक वाहन में आग लगा दी और एक खोखा (कियोस्क) क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। इस झड़प में दोनों ओर के कई लोग घायल हो गए।
बनर्जी ने कहा कि विरोध मार्च से यात्रियों और व्यापारियों को परेशानी हुई, क्योंकि यह राज्य के सबसे बड़े त्योहार दुर्गा पूजा से कुछ हफ्ते पहले आयोजित किया गया था।
उन्होंने कहा, ‘‘हम लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के खिलाफ नहीं हैं लेकिन, भाजपा और उसके समर्थकों ने हिंसा, तोड़फोड़ और आगजनी का सहारा लिया। उन्होंने संपत्तियों को आग लगा दी और लोगों में भय उत्पन्न किया। हम इसकी अनुमति नहीं देंगे। गिरफ्तारियां की जा रही हैं और कानून अपना काम करेगा।’’
बैठक को संबोधित करते हुए, बनर्जी ने युवाओं से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) जैसे तकनीकी विद्यालयों से प्रशिक्षण लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य कौशल आधारित उद्योगों के लिए एक गंतव्य के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य में 400 से अधिक पॉलिटेक्निक संस्थान और आईटीआई हैं और युवा वहां से अपने चुने हुए क्षेत्रों में कौशल हासिल कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘कई उद्योग राज्य में आ रहे हैं और उन्हें कुशल जनशक्ति की आवश्यकता है। बंगाल तेजी से ऐसे उपक्रमों के गंतव्य के रूप में उभर रहा है।’’
बनर्जी ने कहा कि पूर्व मेदिनीपुर जिले में निवेश के माहौल को खतरे में डालने वाला कोई मुद्दा नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हल्दिया के विकास के लिए भूमि आवंटन में कोई कदाचार नहीं होना चाहिए। औद्योगिक परिदृश्य शांतिपूर्ण होना चाहिए।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला परिषद को आवंटित राशि को सही तरीके से खर्च किया जाए। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने खड़गपुर में कल एक बैठक में शामिल हुए विधायकों और जिला परिषद पदाधिकारियों से कहा है कि वे सरकारी योजनाओं को लागू करने के लिए तेजी से काम करें और सुनिश्चित करें कि वे लालफीताशाही में न फंसें। हमें लोगों के पक्ष में रहना होगा।’’
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में पश्चिम बंगाल में 30 विश्वविद्यालय और 14 नए मेडिकल कॉलेज बने हैं।
उन्होंने दीघा और मंदारमणि के समुद्री रिसॉर्ट शहरों में सौंदर्यीकरण अभियान सहित कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
हाल के दिनों में जिले में सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि के मद्देनजर, मुख्यमंत्री ने कहा कि इन मुद्दों से निपटने के लिए एक तंत्र विकसित किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘ जब किसी आईपीएस अधिकारी को दूसरे पद पर स्थानांतरित किया जाता है, तो उसे अपने उत्तराधिकारी को एक नोट छोड़ना चाहिए जो नये अधिकारी को तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करेगा।’’
बनर्जी ने डेंगू के मामलों में वृद्धि पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जिला अधिकारियों को निर्देश दिया, ‘‘कृपया डेंगू, मलेरिया और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता अभियान चलाएं।’’
मुख्यमंत्री ने पुर्व मेदिनीपुर जिले की दुर्गा पूजा समितियों को सरकार से अनुदान प्राप्त करने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया में अपना विवरण अद्यतन करने के लिए कहा।
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में 40,000 से अधिक दुर्गा पूजा समितियों में से प्रत्येक को 60,000 रुपये का अनुदान देने का फैसला किया है।
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