हैदराबाद, 24 जनवरी केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने कांग्रेस पर देश की सत्ता में रहने के दौरान लोकतांत्रिक रुख नहीं अपनाने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को संविधान और उसके मूल्यों की रक्षा के मुद्दे पर राहुल गांधी के प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं है।
भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद रेड्डी ने दावा किया कि कांग्रेस के अधिकांश सदस्यों के सरदार वल्लभभाई पटेल के पक्ष में होने के बावजूद जवाहरलाल नेहरू देश के पहले प्रधानमंत्री बने।
उन्होंने दावा किया कि जब जनता सरकार बनी तो इंदिरा गांधी जनता पार्टी को तोड़कर और साजिश रचकर दोबारा सत्ता में आ गईं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘कांग्रेस यह साबित करना चाहती है कि नेहरू परिवार के अलावा किसी और के पास शासन करने की क्षमता और अधिकार नहीं है।’’
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने संविधान के मुख्य निर्माता बी आर आंबेडकर का उनके जीवनकाल के दौरान ‘अपमान और उत्पीड़न’ किया था, जिसमें उन्हें चुनावों में हराना और उन्हें मंत्री पद से हटाना भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के ऐसे इतिहास के बावजूद उसके नेता राहुल गांधी संविधान की रक्षा की बात करते हैं।
रेड्डी ने कहा, ‘‘एक व्यक्ति जो संविधान या देश के राजनीतिक इतिहास को नहीं समझता है, एक व्यक्ति जिसने संविधान नहीं पढ़ा है उन राहुल गांधी को भाजपा की आलोचना करने या संविधान के बारे में बात करने का नैतिक अधिकार नहीं है।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का आरोप है कि संविधान खतरे में है, लेकिन जब तक देश में लोकतंत्र रहेगा तब तक यह संविधान कायम रहेगा।
यह बताते हुए कि कैसे कांग्रेस ने सरकारों को अस्थिर किया और प्रेस की स्वतंत्रता को ‘चोट’ पहुंचाई, उन्होंने कहा कि भाजपा को संविधान या आंबेडकर के सम्मान पर राहुल गांधी के प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।
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