देश की खबरें | बलात्कार कानून से जुड़े गहलोत के बयान को भाजपा ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भाजपा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बलात्कारियों के लिये मौत की सजा का नया कानून लागू होने के बाद से बलात्कार पीड़ितों की हत्याएं बढ़ी हैं।
जयपुर, सात अगस्त भाजपा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उस बयान को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बलात्कारियों के लिये मौत की सजा का नया कानून लागू होने के बाद से बलात्कार पीड़ितों की हत्याएं बढ़ी हैं।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि मुख्यमंत्री का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। शेखावत ने कहा, ‘‘अशोक गहलोत का बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। पिछले तीन साल में राजस्थान मासूम बच्चियों पर अत्याचार का केंद्र बना हुआ है। इससे ज्यादा दुर्भाग्यपूर्ण कुछ नहीं हो सकता कि अपनी नाकामियों को छिपाने के लिये विवादित बयान देकर मुद्दे को तूल दिया जा रहा है।’’
राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि फांसी की सजा के प्रावधान से बलात्कार के बाद हत्या की घटनाओं के बढ़ने को लेकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा दिया गया बयान दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, जो गृह विभाग के मुखिया भी हैं, बेतुके बयान देकर राज्य में बढ़ते बलात्कार के मामलों में अपनी सरकार की नाकामी से बच नहीं सकते है।
गहलोत ने शुक्रवार को दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए महंगाई, अग्निवीर योजना, भ्रष्टाचार, लोकतंत्र, बेरोजगारी और अपराध जैसे विभिन्न मुद्दो पर बात की थी।
उन्होंने कहा कि, ‘‘निर्भया कांड के बाद बलात्कार के दोषियों के लिए फांसी का नया कानून आ गया, जिसके कारण बलात्कार बाद होने वाली हत्या की घटनाओं में इजाफा हुआ है। बलात्कार करने वाला, अब देखता है कि यह तो कल मेरे खिलाफ गवाह बन जायेगी और बच्चियों की हत्या कर देता है। पूरे देश में यह एक खतरनाक रुझान दिख रहा है, जैसी की रिपोर्ट आ रही है।’’
राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) 2020 के अनुसार राजस्थान में उत्तरप्रदेश के बाद देश में सबसे अधिक बलात्कार के मामले दर्ज किये गये हैं। हालांकि, राज्य बलात्कार के मामलों में शीर्ष पर बना हुआ है, लेकिन वर्ष 2019 की तुलना में मामलों की संख्या (5997) में 11.45 प्रतिशत की गिरावट आई है।
मुख्यमंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राठौड़ ने कहा कि एनसीआरबी के आंकडे और पुलिस रिपोर्ट से पता चलता है कि राज्य बलात्कार के मामलों में देश में पहले स्थान पर है। राजस्थान में हर साल करीब 2000 बलात्कार के मामले सामने आते हैं। जनवरी 2020 से जनवरी 2022 तक पोस्को अधिनियम के तहत 4091 मामले दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली भाजपा सरकार में नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपियों को मौत की सजा का प्रावधान करने का कानून बनाया गया था। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से मासूम बच्चियों से बलात्कार की घटनाओं पर लगाम लगाने में नामाक रहने वाले मुख्यमंत्री अब फांसी की सजा के प्रावधान का विरोध कर रहे हैं।
राठौड़ ने कहा, ‘‘ अगर आपमें इस कानून के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने की हिम्मत है, तो हम मुंहतोड़ जवाब देंगे।’’ राठौड़ ने कहा कि राजस्थान में प्रतिदिन 16 बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं, लेकिन गहलोत ने कहा कि बलात्कार के 48 प्रतिशत मामले झूठे हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बार-बार इस तरह की बयानबाजी कर बलात्कारियों का मनोबल तोड़ने की बजाय, उनका मनोबल बढ़ाने का काम कर रहे हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)
(The above story first appeared on LatestLY on Aug 07, 2022 07:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

