देश की खबरें | बिहार: एनआईए ने जाली नोट, आतंकी साजिश मामले में पूरक आरोपपत्र दाखिल किया
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बिहार के पूर्वी चंपारण में जाली नोटों की जब्ती से जुड़े आतंकवादी साजिश के मामले में बुधवार को अपना तीसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
नयी दिल्ली, पांच जुलाई राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बिहार के पूर्वी चंपारण में जाली नोटों की जब्ती से जुड़े आतंकवादी साजिश के मामले में बुधवार को अपना तीसरा पूरक आरोपपत्र दाखिल किया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
एनआईए के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले के सरगना सुधीर कुशवाहा के खिलाफ पटना में विशेष एनआईए अदालत में यह आरोपपत्र दाखिल किया गया है। उन्होंने बताया कि नेपाल और बांग्लादेश में कुशवाहा के संपर्क हैं।
प्रवक्ता ने बताया कि इस मामले में इन दोनों देशों में इस गिरोह के सदस्यों के अलावा, पश्चिम बंगाल और झारखंड से भी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
उन्होंने बताया कि जांच से खुलासा हुआ है कि कुशवाहा जाली नोट रैकेट का मुख्य षडयंत्रकर्ता है और उसने पूरी साजिश में अहम भूमिका निभायी थी। उनके अनुसार यह मामला 2015 में दर्ज किया गया था।
एनआईए अधिकारी ने बताया कि कुशवाहा ने आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने के लिए एक गिरोह बनाया था और उसने भारत की मौद्रिक स्थिरता तथा आर्थिक सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने के वास्ते ऊंच गुणवत्ता वाले जाली नोटों को खरीदने, उनकी तस्करी करने एवं उनका वितरण करने के लिए भारत और नेपाल की जमीन का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि उसे इस साल जनवरी में उसे गिरफ्तार किया गया था।
उन्होंने बताया कि पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में रामगढ़वा के समीप राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) द्वारा आरोपी अफरोज अंसारी से 5.94 लाख रुपये मूल्य के जाली नोट जब्त किये जाने के बाद 19 सितंबर, 2015 को यह साजिश सामने आयी थी।
प्रवक्ता ने बताया कि आरोपी इन जाली नोटों को नेपाल पहुंचाने के वास्ते भारत-नेपाल सीमा पर रक्सौल ले जा रहा था।
अधिकारी ने बताया कि डीआरआई की पटना शाखा ने शुरू में मामला दर्ज किया था जिसे एनआईए ने 23 दिसंबर, 2015 को अपने हाथों में ले लिया और फिर मामला दर्ज किया।
प्रवक्ता के अनुसार जांच के आधार पर सात लोगों को गिरफ्तार किया गया और उनके खिलाफ जुलाई, 2016 से मार्च, 2019 तक आरोपपत्र दाखिल किया गया।
अधिकारी ने बताया कि चार आरोपियों- अफरोज अंसारी, सन्नी कुमार उर्फ सन्नी शॉ उर्फ सुजीत कुमार उर्फ कबीर खान, अशराफूल आलम उर्फ इशराफूल आलम और आलमगीर शेख उर्फ राज को अदालत दोषी ठहरा चुकी है और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनायी जा चुकी है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)