नयी दिल्ली, 11 अगस्त बिहार सरकार ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय में दावा किया कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु को लेकर पटना में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी विधिसम्मत और वैध है। बिहार ने आरोप लगाया कि इस मामले की जांच के सिलसिले में मुंबई पहुंची राज्य की पुलिस के साथ महाराष्ट्र पुलिस ने कोई सहयोग नहीं किया।
न्यायमूर्ति ऋषिकेश राय की एकल पीठ के समक्ष वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान बिहार सरकार ने यह भी दावा किया कि मुंबई पुलिस ने उसे सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति भी उपलब्ध नहीं करायी।
बिहार सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिन्दर सिंह ने कहा कि राजपूत की मौत के मामले में मुंबई में अभी तक प्राथमिकी दर्ज नही की गयी है।
उन्होंने इस मामले में रिया चक्रवर्ती द्वारा बिहार पुलिस पर राजनीतिक दबाव, दुराग्रह और प्रभाव में आने जैसे लगाये गये आरोपों का खंडन किया।
सिंह ने रिया के इस आरोप का भी खंडन किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर ही पटना में उसके खिलाफ राजपूत को आत्महत्या के लिये मजबूर करने के आरोप में अभिनेता के पिता ने प्राथमिकी दर्ज करायी है।
न्यायमूर्ति रॉय की पीठ रिया चक्रवर्ती की उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें उसने पटना के राजीव नगर थाने में दर्ज करायी गयी प्राथमिकी मुंबई स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है।
रिया चक्रवती की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने न्यायालय में दलील दी कि दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के पिता द्वारा अपने बेटे की आत्महत्या के सिलसिले में अभिनेत्री के खिलाफ दर्ज करायी गयी प्राथमिकी का पटना में किसी अपराध से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि इस मामले में राज्य का बहुत ज्यादा दखल और असर है। इसलिए इसमें दुराग्रह की आशंका है।
उन्होंने इस मामले में सिलसिलेवार घटनाक्रम का जिक्र किया और कहा कि पटना में प्राथमिकी दर्ज कराने में 38 दिन से भी ज्यादा का विलंब हुआ है।
उन्होंने पटना में राजपूत के पिता द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी का जिक्र किया और कहा कि शिकायत मे लगाये गये सारे आरोपों का संबंध मुंबई से है।
दीवान ने कहा कि मुंबई पुलिस ने अब तक इस मामले में 58 व्यक्तियों के बयान दर्ज किये हैं और इस मामले की जांच में काफी प्रगति हुयी है।
दीवान ने कहा कि इस समय सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले का समानांतर मीडिया ट्रायल भी हो रहा है।
महाराष्ट्र सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने पीठ से कहा कि वह इस मामले की जांच में बिहार के अधिकार क्षेत्र का विरोध कर रहे हैं।
पीठ ने दीवान से कहा कि रिया चक्रवर्ती ने अपनी याचिका में इस मामले की सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया है। पीठ ने कहा, ‘‘यह एक अन्य पहलू है कि सीबीआई इसमें कैसे आयेगी।’’
दीवान ने कहा कि वह इस मामले की किसी निष्पक्ष जांच एजेन्सी से निष्पक्ष जांच चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कई अन्य मुद्दे भी हैं जैसे बिहार ने कैसे सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी और कैसे इसके बाद आदेश जारी किये गये।
दीवान ने कहा, ‘‘मैं (रिया) अपने उस कथन पर टिकी हूं जो मैंने अपनी याचिका और अतिरिक्त हलफनामे में कहे हैं।’’
न्यायालय ने पांच अगस्त को रिया की याचिका पर सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत एक प्रतिभाशाली होनहार कलाकार थे और उनकी मृत्यु के कारणों की सच्चाई सामने आनी ही चाहिए। न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था, ‘‘एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुयी जिसमे एक प्रतिभाशाली कलाकार का निधन ऐसी परिस्थितियों में हो गया जो अस्वाभाविक हैं। अब उन परिस्थितियों की जांच की आवश्यकता है जिनमे यह मौत हुयी।’’
केन्द्र ने भी न्यायालय को सूचित किया था कि ‘‘प्राधिकारियों ने सिद्धांत रूप में इस मामले की सीबीआई जांच कराने का बिहार पुलिस का अनुरोध स्वीकार करने का निर्णय लिया है।
शीर्ष अदालत ने सारे तथ्यों पर विचार के बाद इस मामले में संबंधित पक्षों- राजपूत के पिता कृष्ण किशोर सिंह, बिहार सरकार एवं महाराष्ट्र सरकार को रिया चक्रवर्ती की यचिका पर तीन दिन में अपना अपना दृष्टिकोण रिकार्ड पर लाने का निर्देश दिया था। इसके अलावा, मुंबई पुलिस को इस मामले में अब तक की जांच की प्रगति से न्यायालय को अवगत कराने का भी निर्देश दिया गया था।
बालीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (34) मुंबई के उपनगर बांद्रा में अपने मकान में 14 जून को मृत पाये गये थे।
अनूप
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