देश की खबरें | बिहार सरकार ने कटिहार पुलिस फायरिंग के संंबंध में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से संयुक्त जांच रिपोर्ट मांगी
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पटना-कटिहार, 27 जुलाई बिहार सरकार ने कटिहार जिले में बेहतर बिजली आपूर्ति को लेकर विरोध प्रदर्शन के हिंसक हो जाने पर पुलिस गोलीबारी में दो लोगों की मौत के एक दिन बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से घटना की संयुक्त जांच रिपोर्ट मांगी है।
बिहार पुलिस (मुख्यालय) के अपर महानिदेशक (एडीजी) जे एस गंगवार ने बृहस्पतिवार को पटना में पत्रकारों से कहा, '' जिस बारसोई थाना क्षेत्र में घटना हुई, वहां स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए इलाके में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सरकार ने कटिहार जिले के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से जल्द से जल्द घटना की संयुक्त जांच रिपोर्ट भी मांगी है।’’
कटिहार जिले में बुधवार को बेहतर बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव करने के बाद पुलिस की गोलीबारी में दो लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।
जिले के बारसोई थाने महज सौ मीटर की दूरी पर हुई इस घटना में नौ पुलिस कर्मी और छह बिजली विभाग के कर्मचारी घायल हो गए।
इस बीच, नीतीश कुमार सरकार को बाहर से समर्थन देने वाली भाकपा माले ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना की और मामले की जांच के लिए विधायक सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में पार्टी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल बारसोई भेजा।
पुलिस ने बुधवार को कहा था कि लगभग 1,000 स्थानीय लोग बिजली विभाग कार्यालय के सामने प्रदर्शन कर रहे थे। कुछ असामाजिक तत्व भीड़ में घुस आये और उन्होंने पथराव शुरू कर दिया। उपद्रवियों को रोकने की कोशिश करने पर पुलिस दल पर भी ईंटों, पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया।
कटिहार के जिलाधिकारी रवि प्रकाश ने संवाददाताओं से कहा था, "दो प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई है, जबकि एक अन्य का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मृतकों की पहचान बासल गांव निवासी खुर्शीद आलम (34) और सोनू शाह (26) के रूप में हुई है।’’
पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा था की प्रदर्शनकारी अचानक हिंसक हो गए और बिजली विभाग के परिसर में धावा बोल दिया। उन्होंने कहा था कि बारसोई अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित अधिकारियों को भी चोटें आईं, जिन्हें भीड़ ने बंधक बना लिया था, इसलिए आत्मरक्षा में गोलियों का प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और पुलिसकर्मियों पर हमले में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना की विपक्षी पार्टी भाजपा ने तीखी आलोचना की। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और राज्य भाजपा के पूर्व अध्यक्ष नित्यानंद राय ने बुधवार को एक बयान जारी कर आरोप लगाया था कि यह घटना मुख्यमंत्री की पार्टी जद (यू) और सत्तारूढ़ महागठबंधन के सबसे बड़े दल राजद के नेतृत्व वाली सरकार की "बर्बरता" को दर्शाती है।
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