एजेंसी न्यूज

11 अगस्त की बड़ी खबरें

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं.

11 अगस्त की बड़ी खबरें
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.कोलंबिया में 7.4 तीव्रता के भूकंप से 100 से अधिक की मौत, आपातकाल

झारखंड छात्र प्रदर्शन: राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी ने उठाए दोहरे मापदंड के सवाल

भारत के साथ ‘अच्छे संबंध’ चाहता है बांग्लादेश, हसीना समेत कई मुद्दों के समाधान पर जोर

भारत-बांग्लादेश क्रिकेट रिश्तों में सुधार की उम्मीद, सीरीज पर जल्द फैसला संभव

भारतीय क्रिकेट टीम के बांग्लादेश दौरे को बचाने के लिए दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक प्रयास तेज हो गए हैं. बांग्लादेश के खेल मंत्री अमीनुल हक ने कहा है कि प्रस्तावित छह मैचों की सीरीज को लेकर दोनों देशों के मंत्री स्तर पर बातचीत चल रही है. इस दौरे में तीन वनडे और तीन टी20 मुकाबले शामिल हैं, जिसे पहले पिछले वर्ष आयोजित किया जाना था, लेकिन राजनीतिक तनाव के कारण टाल दिया गया था.

बांग्लादेश और भारत के संबंध साल 2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से तनावपूर्ण रहे हैं. जनआंदोलन के बाद सत्ता से हटने वाली पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत चली गई थीं और तब से वहीं रह रही हैं. इसी पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों पर भी असर पड़ा. इस साल बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में हुए टी20 विश्व कप में अपनी टीम भेजने से इनकार कर दिया था.

खेल मंत्री अमीनुल हक ने उम्मीद जताई है कि क्रिकेट को लेकर पैदा हुआ गतिरोध जल्द खत्म होगा और भारतीय टीम का दौरा तय कार्यक्रम के अनुसार हो सकेगा. भारत ने आखिरी बार 2022 में बांग्लादेश का दौरा किया था, जहां उसने टेस्ट सीरीज 2-0 से जीती थी, जबकि बांग्लादेश ने वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी. वहीं बांग्लादेश ने सितंबर-अक्टूबर 2024 में भारत का दौरा किया था, जिसमें भारतीय टीम ने टेस्ट और टी20 दोनों सीरीज में क्लीन स्वीप किया था.

प्राकृतिक आपदाओं से वैश्विक आर्थिक नुकसान पहली छमाही में 100 अरब डॉलर

प्राकृतिक आपदाओं से दुनिया भर में आर्थिक नुकसान इस वर्ष की पहली छमाही में लगभग 100 अरब डॉलर रहने का अनुमान है. पुनर्बीमा कंपनी स्विस री की रिपोर्ट के अनुसार यह आंकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 152 अरब डॉलर के मुकाबले काफी कम है और 10-वर्षीय औसत से भी 10 प्रतिशत नीचे है. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में आए भीषण तूफानों और जून में वेनेजुएला में आए घातक भूकंप के बावजूद कुल नुकसान अपेक्षाकृत कम रहा.

फ्रांस में पहली बार दिखा आग का बादल आखिर है क्या?

हालांकि स्विस री ने चेतावनी दी है कि पहली छमाही में कम नुकसान का मतलब यह नहीं है कि जोखिम घट गया है. कंपनी के कैटास्ट्रॉफी पेरिल्स निदेशक बाल्ज ग्रोल्लिमुंड ने कहा कि साल के दूसरे हिस्से में उत्तरी अटलांटिक महासागर में आने वाले तूफानों के कारण प्राकृतिक आपदाओं से होने वाला नुकसान अक्सर बढ़ जाता है. उन्होंने कहा कि एक बड़ा तूफान, भूकंप या जंगल की आग कुछ ही समय में स्थिति को बदल सकती है.

क्या हीटवेव आपकी नींद छीन रही है?

रिपोर्ट के मुताबिक यूरोप में जून से पड़ रही भीषण गर्मी के कारण फ्रांस और स्पेन में जंगल की आग का मौसम जल्दी शुरू हो गया है, जिससे हजारों घर, कारोबारी प्रतिष्ठान और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. स्विस री ने कहा कि जंगल की आग से होने वाले बीमित नुकसान यूरोप में अभी अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन यह दुनिया भर में सबसे तेजी से बढ़ता मौसम संबंधी खतरा बन चुका है. कंपनी ने यह भी चेताया कि जून में शुरू हुआ एल नीनो मौसम पैटर्न इस वर्ष के अंत तक चरम पर पहुंच सकता है, जिससे बाढ़, जंगल की आग और अन्य चरम मौसमी घटनाओं से होने वाले नुकसान में बढ़ोतरी हो सकती है.

राइन नदी में रिकॉर्ड निचला जलस्तर, मालवाहक जहाजों की आवाजाही प्रभावित

जर्मनी की राइन नदी में पानी का स्तर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. दक्षिणी हिस्सों में कई मालवाहक जहाजों ने अपनी आवाजाही रोक दी है. इससे जर्मनी की सप्लाई चेन और औद्योगिक उत्पादन पर असर पड़ने का खतरा बढ़ गया है. इंलैंड नेविगेशन एजेंसी डब्ल्यूएसवी के मुताबिक, कोब्लेंज के पास काउब में नदी का जलस्तर मंगलवार को रिकॉर्ड 15 सेंटीमीटर तक गिर गया. नदी की अधिकतम गहराई 115 सेंटीमीटर रह गई है.

जर्मन इकोनॉमिक इंस्टीट्यूट (आईडब्ल्यू) के परिवहन विशेषज्ञ थॉमस पुल्स ने कहा कि अगर राइन का यह हिस्सा बंद होता है तो नदी के जरिए होने वाला परिवहन लगभग दो हिस्सों में बंट जाएगा. सड़क और रेल परिवहन के पास भी इतना अतिरिक्त सामान संभालने की क्षमता नहीं है.

जलवायु परिवर्तन का संकट झेलने लगा यूरोप

एक कमोडिटी ट्रेडर ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि काउब के आगे राइन पर माल ढुलाई की बुकिंग करना अब संभव नहीं रह गया है. उसके मुताबिक, नदी के इस हिस्से में अधिकांश जहाजों की आवाजाही रुक चुकी है. हालांकि, राइन के उत्तरी हिस्सों में अभी भी कुछ जहाज चल रहे हैं. जर्मनी समेत यूरोप के कई हिस्से भीषण गर्मी और बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं. इसके कारण कई नदियों में जलस्तर तेजी से नीचे गया है. राइन नदी जर्मनी और यूरोप के लिए बेहद महत्वपूर्ण परिवहन मार्ग है. इसके जरिए कोयला, रसायन, अनाज और औद्योगिक कच्चे माल समेत बड़ी मात्रा में सामान की ढुलाई होती है.

सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को मौत की सजा

सीरिया की एक अदालत ने मंगलवार को देश के पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद को उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई. अदालत ने असद को कई गंभीर अपराधों का दोषी पाया. इनमें हत्या, बच्चों की हत्या, यातना, मनमानी गिरफ्तारी और मानवता के खिलाफ अपराध शामिल हैं. फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने कहा कि इन अपराधों में बशर अल-असद की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण थी. अंतिम फैसला उनका होता था और उन्होंने इन अपराधों को अंजाम देने के लिए राज्य की संस्थाओं और सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया. इस फैसले का सीधा प्रसारण सीरियाई सरकारी टेलीविजन पर किया गया.

जर्मनी और सीरिया : नए समीकरणों की तलाश

बशर अल-असद को दिसंबर 2024 में सत्ता से हटा दिया गया था. असद विद्रोही बलों के दमिश्क में प्रवेश के बाद उन्हें देश छोड़कर रूस जाना पड़ा, जहां उन्हें शरण दी गई. सीरिया की नई सरकार लंबे समय से रूस से बशर अल-असद को सीरिया प्रत्यर्पित करने की मांग कर रही है. अदालत ने असद के भाई माहेर अल-असद और उनकी सरकार के कई अन्य प्रमुख लोगों को भी उनकी गैरमौजूदगी में मौत की सजा सुनाई है.

एयर इंडिया उड़ान में अचानक ऊंचाई घटने का मामला, एयरबस की टीम करेगी मदद

एयरबस ने सोमवार को कहा कि वह एयर इंडिया के उस विमान से जुड़ी जांच में सहयोग के लिए अपने विशेषज्ञों की एक टीम भेज रहा है, जिसमें पिछले सप्ताह उड़ान के दौरान अचानक ऊंचाई में गिरावट दर्ज की गई थी. 4 अगस्त को फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379, जिसे एयरबस A320 (VT-EXO) संचालित कर रहा था, क्रूजिंग के दौरान करीब 300 फीट नीचे आ गई थी. हालांकि विमान बाद में स्थिर हो गया और सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतरा.

घटना के तुरंत बाद भारत सरकार ने जांच शुरू कर दी थी. जांच एजेंसियों ने विमान का फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (एफडीआर) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (सीवीआर) अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू कर दी है. इस अचानक ऊंचाई से गिरने की घटना में आठ यात्रियों और चार चालक दल के सदस्य घायल हुए थे.

इस बीच नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने रविवार को बताया कि संबंधित उड़ान के कप्तान की प्रारंभिक जांच में साइकोएक्टिव पदार्थों की मौजूदगी के संकेत मिले हैं. हालांकि अंतिम निष्कर्ष के लिए नमूनों की विस्तृत प्रयोगशाला जांच की जा रही है. एयरबस ने कहा है कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगा, जबकि घटना के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. जांच पूरी होने तक दोनों पायलटों को ड्यूटी से हटा दिया गया है. मंत्रालय ने कहा है कि जांच और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी.

अमेरिकी अदालत ने गौतम अदाणी के खिलाफ आपराधिक मामला किया खारिज

अमेरिका की एक संघीय अदालत ने सोमवार को भारतीय अरबपति गौतम अदाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को खारिज कर दिया है. हालांकि, जज निकोलस गरॉफिस ने अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा मामले को वापस लेने के तरीके पर चिंता जताई. गौतम अदाणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वह इसे “विनम्रता और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति गहरे सम्मान” के साथ स्वीकार करते हैं.

अदाणी पर 2024 में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने भारतीय सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर रिश्वत देने पर सहमति जताई थी, ताकि अदाणी समूह की एक कंपनी को सौर ऊर्जा परियोजना विकसित करने की मंजूरी मिल सके. यह भी कहा गया कि रिश्वत के जरिए अदाणी ग्रुप की एक कंपनी को सोलर एनर्जी प्लांट का ठेका दिलाने की कोशिश की गई. अदाणी समूह लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है.

कांगो में इबोला की चपेट में आने से 2,000 लोगों की मौत

कांगो में इबोला का प्रकोप तेजी से गंभीर होता जा रहा है. मंगलवार को जारी ताजा सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, कांगो में इबोला के कुल 4,381 पुष्ट मामले सामने आए हैं, जिनमें 2,011 लोगों की मौत हुई है. फिलहाल 704 मरीज अस्पतालों में भर्ती और आइसोलेशन में हैं. स्वास्थ्य अधिकारी दूरदराज के इलाकों तक समय पर मदद पहुंचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह आंकड़ा 15 मई को प्रकोप की घोषणा के करीब तीन महीने बाद सामने आया है. पहली 1,000 मौतें दर्ज होने में करीब नौ सप्ताह लगे, लेकिन अगली 1,000 मौतें महज तीन सप्ताह में हो गईं.

यह इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा इबोला प्रकोप बन चुका है. साल 2014 से 2016 के बीच पश्चिमी अफ्रीका में 28,000 से अधिक मामले सामने आए थे और 11,000 से ज्यादा मौतें दर्ज की गई थीं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अफ्रीका क्षेत्रीय निदेशक डॉ. मोहम्मद याकूब जनाबी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम वायरस का पीछा कर रहे हैं, लेकिन वायरस हमसे आगे है."

ग्राहकों-छोटे दुकानदारों के लिए यूपीआई पर नहीं लगेगा शुल्क: वित्त मंत्री

संसद ने सोमवार, 10 अगस्त को कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी. राज्यसभा में चर्चा के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्पष्ट किया कि यूपीआई लेनदेन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगाने का कोई फैसला नहीं किया गया है और उपभोक्ताओं को किसी प्रकार का ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं देना होगा. उन्होंने कहा कि बिल में किया गया प्रावधान केवल सरकार को अधिसूचना के जरिए डिजिटल भुगतान माध्यमों को शुल्क से संरक्षण देने की सुविधा प्रदान करता है.

सीतारमण ने यह भी कहा कि छोटे व्यापारियों को यूपीआई भुगतान पर MDR के दायरे में लाने का सरकार का कोई इरादा नहीं है. उनके अनुसार, छोटे व्यापारी यूपीआई के विस्तार और वित्तीय समावेशन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनके हितों की रक्षा की जाएगी. उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि यूपीआई उपयोगकर्ताओं पर कोई अतिरिक्त कर या शुल्क लगाने का प्रस्ताव इस संशोधन में नहीं है.

बिल में डिजिटल भुगतान के अलावा निवेश और कारोबार को बढ़ावा देने से जुड़े कई प्रावधान भी शामिल हैं. इनमें भारत में डेटा सेंटर सेवाओं के लिए कर छूट, ग्लोबल डायमंड ट्रेडिंग को प्रोत्साहन, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र के समर्थन तथा कुछ निवेश फंडों के लिए नियमों में ढील शामिल है. सरकार का कहना है कि ये सुधार विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन में मदद करेंगे.

भारत के साथ ‘अच्छे संबंध’ चाहता है बांग्लादेश, हसीना समेत कई मुद्दों के समाधान पर जोर

बांग्लादेश की सत्तारूढ़ बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) की सांसद और विदेश मंत्रालय से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति की अध्यक्ष जहारत आदिब चौधरी ने कहा है कि ढाका अपने पड़ोसी भारत के साथ “अच्छे और स्वस्थ संबंध” बनाना चाहता है. उन्होंने कहा कि बीएनपी की विदेश नीति में “बांग्लादेश-फर्स्ट” दृष्टिकोण को प्राथमिकता दी जाएगी.

समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में चौधरी ने कहा कि बांग्लादेश भारत के साथ संबंधों को आपसी सम्मान, राष्ट्रीय गरिमा और दोनों देशों के हितों के आधार पर आगे बढ़ाना चाहता है. उन्होंने माना कि दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण और लंबित मुद्दे हैं. चौधरी ने कहा, “जाहिर तौर पर हमारे सामने कई चुनौतियां है. प्रमुख मुद्दों को लेकर हमारे बीच कई मतभेद हैं. इनमें सामूहिक हत्याओं की जिम्मेदार शेख हसीना का मुद्दा भी शामिल है, जो इस समय भारत में रह रही हैं. हमारे सीमा संबंधी मुद्दे हैं और लंबे समय से लंबित जल अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी हैं. इसलिए भारत के साथ हमारे कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन्हें हम सुलझाना चाहते हैं.”

भारत-बांग्लादेश संबंधों के लिए कितनी अहम है गंगा जल संधि?

चौधरी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब बांग्लादेश ने भारत से पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया में तेजी लाने की उम्मीद जताई है. सोमवार को भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की थी.

वनडे विश्व कप 2027: अफगानिस्तान ने जगह बनाई, टूर्नामेंट की 10 टीमें तय

अफगानिस्तान ने दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले वनडे विश्व कप 2027 में जगह बना ली है. सोमवार को आयरलैंड के खिलाफ जारी 5 वनडे मैचों की सीरीज के तीसरे मैच में जीत दर्ज कर अफगानिस्तान ने विश्व कप 2027 में सीधी एंट्री ले ली है.

अफगानिस्तान ने आयरलैंड को तीसरे वनडे में 3 विकेट से हराकर वनडे विश्व कप 2027 में अपनी जगह बनाई. अफगानिस्तान टीम वनडे विश्व कप 2023 का हिस्सा थी. इस विश्व कप में अफगानिस्तान ने अपने प्रदर्शन से चौंकाया था और श्रीलंका, इंग्लैंड और पाकिस्तान जैसी विश्न चैंपियन रह चुकी टीमों को मात दी थी. अफगानिस्तान उस विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया पर भी जीत के बहुत करीब पहुंच गई थी, लेकिन ग्लेन मैक्सवेल के ऐतिहासिक दोहरे शतक ने टीम से जीत छीन ली थी. आगामी विश्व कप में एक बार फिर अफगानिस्तान के प्रदर्शन पर नजर रहेगी.

अफगानिस्तान के लिए क्वालीफाई करने के साथ ही वनडे विश्व कप 2027 में 10 टीमें तय हो गई हैं. ये टीमें भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड.

जर्मन विदेश मंत्री ने ईरान से वार्ता और होर्मुज खोलने की अपील की

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और जर्मनी के विदेश मंत्री योहान वाडेफुल के बीच सोमवार को फोन पर बातचीत हुई. दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और क्षेत्र में जारी संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा की. बातचीत के बाद वाडेफुल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि उन्होंने ईरान से क्षेत्रीय देशों और अमेरिका के साथ रचनात्मक बातचीत में शामिल होने का आग्रह किया है, ताकि मौजूदा संघर्ष को समाप्त किया जा सके.

जर्मनी ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के दोबारा खोलने पर जोर दिया है. वाडेफुल ने कहा कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सभी देशों के लिए स्वतंत्र और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खोला जाना चाहिए. वाडेफुल ने ट्वीट कर लिखा, “मैंने अराघची से आग्रह किया कि ईरान आखिरकार क्षेत्रीय पड़ोसियों और अमेरिका के साथ रचनात्मक बातचीत में शामिल हो, ताकि संघर्ष को समाप्त किया जा सके होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शर्त के खोला जाना चाहिए, ताकि सभी के लिए स्वतंत्र और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित हो सके."

होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. यहां लंबे समय से जारी तनाव और जहाजों की आवाजाही में बाधा ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा बाजारों को प्रभावित किया है.

झारखंड छात्र प्रदर्शन: राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी ने उठाए दोहरे मापदंड के सवाल

झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है. एक दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी हालत में छात्रों पर हिंसा नहीं होनी चाहिए. उन्होंने झारखंड की जेएमएम सरकार से छात्रों की मांगों का जल्द समाधान निकालने की अपील की.

राहुल गांधी के बयान के बाद बीजेपी नेताओं ने उन पर निशाना साधा. भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि राहुल गांधी को छात्रों पर हुई कथित "बर्बरता" पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए. वहीं, भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि झारखंड के छात्र आंदोलन और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों को लेकर विपक्ष का रवैया अलग-अलग रहा है.

इस मुद्दे पर भाजपा ने कांग्रेस और उसके सहयोगियों को घेरते हुए कहा कि संसद में नीट छात्रों के मुद्दे पर मुखर रहने वाला विपक्ष झारखंड में छात्रों के आंदोलन पर चुप था. झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ बीजेपी नेता बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस नेतृत्व को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वह छात्रों की मांगों को लेकर गंभीर है तो उसे हेमंत सोरेन सरकार से समर्थन वापस लेना चाहिए.

भर्ती परीक्षा विवाद पर बीजेपी का झारखंड बंद, स्कूल-बाजार रहे बंद

झारखंड में मंगलवार को बीजेपी के आह्वान पर राज्यव्यापी बंद का व्यापक असर देखने को मिला. राजधानी रांची समेत कई शहरों में स्कूल, निजी प्रतिष्ठान और बाजार बंद रहे, जबकि सड़कों पर वाहनों की आवाजाही भी सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम रही. हालांकि, बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को इससे अलग रखा गया.

झारखंड में क्यों नहीं शांत हो रहा छात्रों का गुस्सा

यह बंद सोमवार को रांची में विधानसभा मार्च के दौरान नौकरी के अभ्यर्थियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में बुलाया गया था. अभ्यर्थी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार, आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया.

बीजेपी ने पुलिस कार्रवाई को छात्रों पर “अत्याचार” बताते हुए जेएमएम नेतृत्व वाली राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि सरकार छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय उन पर बल प्रयोग कर रही है. वहीं, प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.

पश्चिमी कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, 100 से अधिक लोगों की मौत

पश्चिमी कोलंबिया में सोमवार को 7.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और लगभग 700 लोग घायल हुए. भूकंप से करीब 1,600 इमारतों को नुकसान पहुंचा, जबकि कम से कम 61 इमारतें पूरी तरह ढह गईं. मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है. राहत एवं बचाव दल लगातार खोज अभियान चला रहे हैं. ऑनलाइन लापता व्यक्ति डेटाबेस में 2,000 से अधिक लोगों के नाम दर्ज किए जाने की खबर है, जिनमें अधिकांश काली और पेरेइरा से हैं.

भूकंप का केंद्र सैन जोस डेल पालमार के पास बताया गया है. भूकंप ने पश्चिमी कोलंबिया के कई शहरों में भारी तबाही मचाई, जिनमें काली, पेरेइरा, क्विब्दो और मैनिजालेस शामिल हैं. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के अनुसार, भूकंप का असर पड़ोसी देशों इक्वाडोर और पनामा तक महसूस किया गया.

कोलंबिया के तीसरे सबसे बड़े शहर काली में राहतकर्मी और स्थानीय नागरिक ढही हुई इमारतों के मलबे में लोगों की तलाश कर रहे हैं. कोलंबिया की जियोलॉजिकल सर्विस ने सोमवार के भूकंप को देश में 21वीं सदी के दौरान दर्ज किया गया सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया है. भूकंप के बाद कई आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए. देश में इससे पहले 1999 में आर्मेनिया शहर के पास 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 1,100 से अधिक लोगों की मौत हुई थी.

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 11, 2026 07:20 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).