15 जून की बड़ी खबरें और अपडेट्स
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

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अमेरिका-ईरान की डील के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट शुरू

जी7 समिट: अमेरिका-ईरान समझौते पर रहेगी दुनिया की नजर, पीएम मोदी भी होंगे शामिल

जी7 समिट: अमेरिका-ईरान समझौते पर रहेगी दुनिया की नजर, पीएम मोदी भी होंगे शामिल

फ्रांस के शहर इवियां-ले-बां में सोमवार से जी7 का शिखर सम्मेलन शुरू हो रहा है. इस तीन दिन के सम्मेलन में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और अमेरिका-ईरान के बीच हुए युद्ध विराम समझौते पर सबसे ज्यादा नजर रहने वाली है. मेजबान देश फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुएल माक्रों ने कहा कि सोमवार को जी7 नेता इस समझौते के "दूरगामी परिणामों" और होर्मुज जलडमरूमध्य को स्थायी रूप से फिर से खोलने पर चर्चा करेंगे.

जी-7 दुनिया की प्रमुख आर्थिक शक्तियों का समूह है, जिसमें कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका शामिल हैं. फ्रांस इस बार जी7 का दायरा बढ़ाने की कोशिश में है.

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 16 और 17 जून को इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे. उनके अलावा यूक्रेन पर चर्चा के लिए यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की मंगलवार को पहुंचेंगे. ईरान मामले पर बात करने के लिए मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी समेत ब्राजील, केन्या और दक्षिण कोरिया के नेता भी इस बैठक में शामिल हो रहे हैं.

राजनीति के इतर, इस सम्मेलन में डिजिटल क्षेत्र और एआई पर नियंत्रण बढ़ाने जैसे मुद्दों पर भी गंभीर मंथन होगा. इसमें ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के डारियो अमोदेई और यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी मिस्ट्रल एआई के आर्थर मेन्श शामिल होंगे.

इस बीच, सुरक्षा के लिए हजारों पुलिसकर्मियों और सैनिकों को तैनात किया गया है. सुरक्षा घेरा पड़ोसी देश स्विट्जरलैंड तक फैला हुआ है, जहां रविवार को जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के पास जी7 विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं.

नोएडा एयरपोर्ट से उड़ानों का संचालन शुरू हुआ, पहली फ्लाइट लखनऊ गई

उत्तरप्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानों का संचालन शुरू हो गया है. इस एयरपोर्ट से पहली उड़ान सोमवार, 15 जून को लखनऊ के लिए रवाना हुई. केंद्रीय उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि शुरुआत में यह एयरपोर्ट हर साल 1.2 करोड़ यात्रियों को संभाल सकेगा और इसके विस्तार का चौथा चरण पूरा होने पर इसकी क्षमता बढ़कर सात करोड़ यात्री प्रति साल हो जाएगी.

राज्य की राजधानी लखनऊ के लिए गई पहली उड़ान में उन किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल भी शामिल है, जिन्होंने इस एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी जमीन दी थी. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि वे लखनऊ पहुंचने पर इन किसानों का स्वागत करेंगे और उनसे संवाद भी करेंगे.

नोएडा एयरपोर्ट भारत के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट प्रोजेक्ट में से एक है. इसके पहले फेज पर करीब 11,200 करोड़ रुपये लगाए गए. इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर बनाया गया है. यह दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा, जिससे दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर से यात्रियों का बोझ कम करने में मदद मिलेगी.

रूस की शैडो फ्लीट के जहाज से भारतीय नागरिक गिरफ्तार

ब्रिटिश सेना ने रूस की शैडो फ्लीट के जहाज से एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है. ब्रिटेन की नेशनल क्राइम एजेंसी (एनसीए) ने बताया कि ब्रिटिश सैन्य बलों ने रविवार को चैनल में रूस की शैडो फ्लीट के एक जहाज को रोका और उस पर मौजूद 38 वर्षीय भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया. यह ब्रिटेन द्वारा चलाया गया अपनी तरह का पहला ऑपरेशन था.

ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि यह ऑपरेशन करीब छह घंटे तक चला और इस दौरान रॉयल मरीन कमांडो और अन्य अधिकारी प्रतिबंधित तेल टैंकर पर गए. ब्रिटेन ने बताया है कि भारतीय नागरिक को प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के संदेह में गिरफ्तार किया गया है और उनसे पूछताछ की जाएगी. अधिकारियों ने बताया है कि उस टैंकर पर जॉर्जिया और भारत के 24 क्रू मेंबर मौजूद थे.

न्यूज एजेंसी डीपीए के मुताबिक, रूस की शैडो फ्लीट में एक हजार से ज्यादा पुराने टैंकर शामिल हैं, उन पर अन्य देशों के झंडे लगे होते हैं और वे रूस से अवैध रूप से तेल और अन्य सामान लेकर जाते हैं. शैडो फ्लीट में शामिल जहाज पश्चिमी देशों द्वारा रूस पर लगाए गए प्रतिबंधों का उल्लंघन करते हैं. यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद ये प्रतिबंध लगाए गए थे.

अमेरिका-ईरान की डील के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट शुरू

अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों में से एक 'होर्मुज जलडमरूमध्य' शुक्रवार, 19 जून तक यातायात के लिए नहीं खुलेगा. इस मार्ग को तभी खोला जाएगा जब स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे.

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, "शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद, बारूदी सुरंगों को हटाने के उद्देश्य से जलडमरूमध्य को खोल दिया जाएगा. इसके बाद इस क्षेत्र और पूरी दुनिया के लिए दोनों छोरों से तेल का प्रवाह फिर से शुरू हो जाएगा!"

इस युद्ध के कारण पिछले कई महीनों से वैश्विक स्तर पर गैस और तेल की आपूर्ति ठप थी, जिससे दुनिया भर में ऊर्जा संकट और कीमतें काफी बढ़ गई थीं. दुनिया के कुल कच्चे तेल की आपूर्ति का लगभग 20 फीसदी हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है.

इस प्रारंभिक शांति समझौते की खबर आते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है. टोक्यो में व्यापार के दौरान अमेरिकी बेंचमार्क 'वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट' में लगभग 4 फीसदी की गिरावट आई, जबकि 'ब्रेंट क्रूड' की कीमत भी करीब 4 फीसदी गिरकर लगभग 84 डॉलर (72 यूरो) प्रति बैरल पर आ गई.

अमेरिका-ईरान के बीच हुआ समझौता, शुक्रवार को होंगे हस्ताक्षर

अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक अंतरिम समझौता हो गया है. एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, इस समझौते पर शुक्रवार, 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होने की संभावना है.

अमेरिका और इस्राएल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ यह युद्ध शुरू किया था, जिसके बाद 7 अप्रैल से एक नाजुक संघर्षविराम लागू है. पिछले हफ्ते दोनों ओर से एक-दूसरे पर हमले किए गए थे, जिससे यह संघर्षविराम खतरे में पड़ता दिख रहा था.

अब इस संभावित समझौते के तहत, शुरुआती 60 दिनों के भीतर ईरान के परमाणु कार्यक्रम और संवर्धित यूरेनियम को हटाने के तकनीकी पहलुओं पर काम किया जाएगा. अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान के यूरेनियम स्टॉक को नष्ट या स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची का कहना है कि वे इस स्टॉक को अपने पास ही रखेंगे.

इसके अलावा वैश्विक ऊर्जा संकट को दूर करने के लिए वैश्विक व्यापार मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा, जिसके बदले ईरान पर लगे प्रतिबंधों को चरणबद्ध तरीके से हटाने और उसकी फ्रीज की गई संपत्तियों को बहाल करने की योजना है.

हालांकि, लेबनान को लेकर स्थिति अभी भी पूरी तरह साफ नहीं है. ईरान का कहना है कि समझौते में लेबनान का संघर्ष विराम शामिल होना चाहिए.