29 दिसंबर की बड़ी खबरें और अपडेट्स

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प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

भारत और दुनिया की बड़ी खबरें एक साथ, एक ही जगह पढ़ने के लिए आप सही पेज पर हैं. इस लाइव ब्लॉग को हम लगातार अपडेट कर रहे हैं, ताकि ताजा खबरें आप तक पहुंचा सकें.- ताइवान के आसपास चीन का युद्ध अभ्यास, किसे दे रहा संदेश

- ट्रंप-जेलेंस्की की मुलाकात में "अमेरिकी सुरक्षा गारंटियों पर सहमति बनी"

- बांग्लादेश बोला- उस्मान हादी के संदिग्ध हत्यारे भारत भागे, बीएसएफ ने नकारा

अरावली की परिभाषा से जुडे़ मुद्दों की जांच करेगी एक नई विशेषज्ञ समिति

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार, 29 दिसंबर को अरावली पहाड़ियों की नई परिभाषा को मंजूरी देने वाले अपने फैसले पर रोक लगा दी. अरावली पहाड़ियों और पर्वतशृंखला की नई परिभाषा पर नागरिकों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने गहरी चिंता जाहिर की थी. उनका कहना था कि इससे अरावली पर्वतमाला में खनन को बढ़ावा मिलेगा. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए दोबारा इस पर सुनवाई करने का फैसला लिया.

न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जेके महेश्वरी और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने कहा कि रिपोर्ट या कोर्ट के निर्देशों को लागू करने से पहले और स्पष्टीकरण की जरूरत है. इसके बाद कोर्ट ने एक नई विशेषज्ञ समिति बनाने का आदेश दिया जो अरावली की परिभाषा से जुडे़ मुद्दों की जांच करेगी. कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार और राजस्थान, गुजरात, हरियाणा और दिल्ली की सरकारों को भी नोटिस भेजकर उनका जवाब मांगा है.

सुप्रीम कोर्ट ने बीते 20 नवंबर को अरावली की इस विवादित परिभाषा को मंजूरी दी थी, जिसके मुताबिक किसी पहाड़ी को अरावली का हिस्सा तभी माना जाता, जब उसकी ऊंचाई 100 मीटर या उससे अधिक होती. पर्यावरण कार्यकर्ताओं, विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का कहना था कि यदि 100 मीटर से नीचे की सभी पहाड़ियों में खनन की अनुमति दे दी जाती है, तो अरावली अपना अस्तित्व खो देगी.

डिस्पोजेबल ई-सिगरेट को बैन करने के पक्ष में जर्मनी के पर्यावरण मंत्री

जर्मनी के पर्यावरण मंत्री कार्स्टेन श्नाइडर देश में डिस्पोजेबल ई-सिगरेट पर प्रतिबंध लगाने के पक्ष में हैं. सोशल डेमोक्रैटिक पार्टी के नेता श्नाइडर ने जर्मन न्यूज एजेंसी डीपीए से कहा, "मैं इसका पूरी तरह समर्थन करता हूं."

सिंगल-यूज ई-सिगरेट, जिन्हें आमतौर पर 'वेप्स' कहा जाता है, हालिया वर्षों में नौजवानों और टीनएजर्स के बीच ज्यादा मशहूर होती जा रही हैं. ‘एल्फ बार’ जैसे चीनी ब्रांड और फिलिप मॉरिस जैसी बड़ी तम्बाकू कंपनियां इस बाजार पर मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं. ये उत्पाद बेल्जियम, फ्रांस और ब्रिटेन जैसे अन्य यूरोपीय देशों में पहले से ही प्रतिबंधित हैं.

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जर्मन संसद के निचले सदन बुंडेसटाग ने नवंबर में सरकार से इन उत्पादों को प्रतिबंधित करने पर विचार करने की अपील की थी. संसद का ऊपरी सदन बुंडेसराट, पहले ही इस पर प्रतिबंध के समर्थन का संकेत दे चुका है. हालांकि, सरकार ने कानूनी चिंताएं जताई हैं.

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श्नाइडर ने कहा कि उनका रुख स्वास्थ्य, पर्यावरण और सुरक्षा संबंधी चिंताओं पर आधारित है. पर्यावरण मंत्री ने कहा,"ये चीजें खतरनाक हैं. अगर ये किसी कचरा निपटान केंद्र में पहुंच जाएं, तो फट सकती हैं और वाकई फटती भी हैं." उन्होंने जोड़ा, "हर दिन किसी-न-किसी कचरा निपटान केंद्र में आग लग जाती है."

श्नाइडर ने स्पष्ट किया कि ये न सिर्फ कर्मचारियों के लिए खतरा हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी नुकसानदेह हैं. जर्मन उद्योग संघ बीएफटीजी के एक अनुमान के मुताबिक, जर्मनी में लोग इस साल ई-सिगरेट पर 2.4 अरब यूरो खर्च करेंगे. इसका तकरीबन 10 फीसदी हिस्सा डिस्पोजेबल उत्पादों पर खर्च किया जाता है. हालांकि, यह 2022 के 40 फीसदी से काफी कम है.

बांग्लादेश बोला- उस्मान हादी के संदिग्ध हत्यारे भारत भागे, बीएसएफ ने नकारा

बांग्लादेश पुलिस ने रविवार, 28 दिसंबर को दावा किया कि कि छात्र नेता उस्मान हादी के संदिग्ध हत्यारे भारत भाग गए हैं. राजधानी ढाका के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एसएन नजरुल इस्लाम ने कहा कि संदिग्ध फैसल करीम मसूद और आलमगीर शेख 12 दिसंबर को उस्मान हादी पर हमला करने के बाद हलुआघाट सीमा से भारत भाग गए थे.

उन्होंने कहा कि संदिग्धों को सीमा पर दो भारतीय नागरिक मिले, जो उन्हें उत्तरपूर्वी राज्य मेघालय ले गए और उन्हें अपने दो साथियों को सौंप दिया. उन्होंने आगे कहा, हम मेघालय पुलिस के साथ बातचीत कर रहे हैं, जिन्होंने दो भारतीय नागरिकों को गिरफ्तार करने की पुष्टि की है. हालांकि, न्यूज एजेंसी एएफपी द्वारा संपर्क किए जाने पर मेघालय पुलिस के दो वरिष्ठ अधिकारियों ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की.

वहीं, भारत के सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने इन दावों को गलत बताया है. बीएसएफ के इंस्पेक्टर जनरल ओपी उपाध्याय ने कहा कि ये दावे "पूरी तरह से गलत, मनगढ़ंत और गुमराह करने वाले हैं और इन्हें साबित करने के लिए कोई सबूत नहीं हैं." उन्होंने कहा, "मेघालय सेक्टर में ऐसी कोई सीमा-पार गतिविधि नहीं हुई है और बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड ने भी ऐसी कोई घटना रिपोर्ट नहीं की है."

बांग्लादेश में बीते साल हुए विरोध-प्रदर्शनों में हिस्सा लेने वाले स्टूडेंट लीडर उस्मान हादी की नकाबपोश हमलावरों ने हत्या कर दी थी. इसके बाद हुए हिंसक प्रदर्शनों में गुस्साई भीड़ ने कई इमारतों में आग लगा दी थी, जिनमें दो प्रमुख अखबारों के दफ्तर भी शामिल थे. अभी भी लगभग हर दिन बांग्लादेश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे अंतरिम सरकार पर हादी के हत्यारों को गिरफ्तार करने का दबाव बढ़ रहा है.

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ट्रंप और जेलेंस्की की एक और मुलाकात, "अमेरिकी सुरक्षा गारंटियों पर सहमति बनी"

अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि रविवार (28 दिसंबर) को यूक्रेनी समकक्ष वोलोदिमीर जेलेंस्की के साथ बातचीत में "बहुत तरक्की" हुई है. ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन और रूस, डोनबास इलाके के दर्जे पर सहमति के "करीब" पहुंच रहे हैं. संघर्ष खत्म होने से जुड़े सवाल पर उन्होंने पत्रकारों से कहा, "हम बहुत करीब पहुंच रहे हैं, शायद बहुत ही करीब."

वहीं यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की ने पत्रकारों से कहा कि ट्रंप के साथ उनकी बैठक "बहुत शानदार" रही. वे जनवरी में यूरोपीय नेताओं से मिलेंगे. अमेरिका के फ्लोरिडा में जेलेंस्की ने कहा, " 20-सूत्रीय शांति योजना पर 90 फीसदी सहमति बन गई है." उन्होंने पत्रकारों से कहा, "अमेरिका, यूरोप और यूक्रेन की सुरक्षा गारंटियां लगभग तय हो गई हैं. सैन्य पहलू पर 100 फीसदी सहमति है."

ट्रंप ने जानकारी दी है कि जेलेंस्की और यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत सोमवार को भी जारी रहेगी. इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने माना कि इलाकों के संभावित बंटवारे का सबसे संवेदनशील मुद्दा अभी अनसुलझा है. इस बैठक से पहले ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर करीब ढाई घंटे लंबी बातचीत की थी.

ताइवान ने चीन को ”शांति का सबसे बड़ा विनाशक“ बताया

चीनी सेना ने सोमवार, 29 दिसंबर को ताइवान के आसपास संयुक्त सैन्य अभ्यासशुरू किया है. चीन की वायुसेना, नौसेना और रॉकेट फोर्स इस अभ्यास में भाग ले रही हैं. चीन ने इस कदम को “ताइवान की स्वतंत्रता” की वकालत करने वाली “अलगाववादी ताकतों और बाहरी हस्तक्षेप करने वाली ताकतों के लिए एक कड़ी चेतावनी बताया है.”

इसके जवाब में ताइवान ने चीनी सरकार को ”शांति का सबसे बड़ा विनाशक“ बताया है. ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर लिखा कि जवाबी अभ्यास जारी हैं और द्वीप की रक्षा के लिए सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है. एक अन्य बयान में ताइवान ने कहा कि उसने भी जवाब में अपने बलों को तैनात किया है और युद्ध की तैयारी से जुड़े अभ्यास किए जा रहे हैं.

चीनी सेना ने बताया है कि ये सैन्य अभ्यास ताइवान जलडमरूमध्य और द्वीप के उत्तर, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व और पूर्व के इलाकों में किए जाएंगे. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, ये अभ्यास मंगलवार को भी जारी रहेंगे और इनमें ताइवान के प्रमुख बंदरगाहों की नाकाबंदी करने और उन्हें घेरने के भी अभ्यास शामिल होंगे.

ये अभ्यास अमेरिका की उस घोषणा के 11 दिन बाद शुरू हुए हैं, जिसमें अमेरिका ने कहा था कि वो ताइवान को करीब 11 अरब डॉलर के हथियार बेचेगा. यह ताइवान के लिए अब तक का सबसे बड़ा हथियार समझौता है और चीन ने इस पर भारी नाराजगी व्यक्त की है. इससे पहले जापानी प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के ताइवान से जुड़े बयान ने भी चीन और जापान के बीच तनाव बढ़ा दिया था.

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