विदेश की खबरें | रूस-यूक्रेन युद्ध में चीन के रुख का आकलन करने वाले हैं बाइडन

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. दरअसल, व्हाइट हाउस ने बीजिंग को चेतावनी दी है कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के लिए सैन्य या आर्थिक सहायता मुहैया करना वाशिंगटन और अन्य की ओर से गंभीर अंजाम को न्योता देगा।

दरअसल, व्हाइट हाउस ने बीजिंग को चेतावनी दी है कि यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के लिए सैन्य या आर्थिक सहायता मुहैया करना वाशिंगटन और अन्य की ओर से गंभीर अंजाम को न्योता देगा।

इस वार्ता की योजना पर तब से काम हो रहा है, जब बाइडन और शी ने पिछले साल नवंबर में एक डिजिटल शिखर बैठक की थी। हालांकि, यू्क्रेन के खिलाफ रूसी हमलों को लेकर वाशिंगटन और बीजिंग के बीच मतभेदों के इस बातचीत के केंद्र में रहने की उम्मीद है।

व्हाइट हाउस प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा है कि बाइडन रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को चीन के समर्थन और यूक्रेन में रूस के बर्बर हमले की भर्त्सना नहीं करने के बारे में शी से सवाल करेंगे।

साकी ने कहा, ‘‘यह आकलन करने का एक अवसर है कि राष्ट्रपति शी कहां खड़े हैं। ’’

चीन ने शुक्रवार को एक बार फिर वार्ता करने और मानवीय सहायता के लिए अनुदान को लेकर अपनी अपील दोहराई। साथ ही, उसने अमेरिका पर रूस को उकसाने का और यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर संघर्ष को बढ़ाने का आरोप लगाया।

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने दैनिक ब्रीफिंग में कहा, ‘‘चीन ने हर समय जनहानि टालने की हर कोशिश करने की अपील की है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह जवाब देना आसान है कि यूक्रेन में आम लोगों को किस चीज की ज्यादा जरूरत है--भोजन की या मशीन गन की?’’

शुक्रवार को टेलीफोन पर होने वाली वार्ता, बाइडन के अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के बाद शी के साथ उनकी चौथी बातचीत होगी।

इसबीच, ताईवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि ताईवान पर बलपूर्वक अपना दावा करने की चीन की धमकी को याद दिलाते हुए चीनी विमान वाहक पोत शांदोंग शुक्रवार को ताईवान जलडमरूमध्य से होकर गुजरा। यह घटनाक्रम बाइडन-शी की वार्ता से कुछ ही घंटे पहले हुआ है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘राष्ट्रीय सेना खुफिया निगरानी एवं टोही प्रणालियां सागर में चीनी जहाजों की और ताईवान जलडमरूमध्य के आसपास के वायुक्षेत्र में विमानों की गतिविधियों पर पूरी नजर रखे हुए हैं।

वहीं, झाओ ने कहा कि उन्हें जलडमरूमध्य से होकर जहाज के गुजरने के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि जहाज अपने नियमित प्रशिक्षण अभियान पर होगा इसे चीनी और अमेरिकी नेताओं के बीच होने वाली वार्ता से जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए।’’

एपी

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now