जयपुर, 15 दिसंबर पहली बार के विधायक भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को यहां राजस्थान के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तमाम शीर्ष नेता मौजूद रहे।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री शर्मा ने अपने जन्मदिन पर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वह 57 साल के हो गए हैं।
राज्यपाल कलराज मिश्र ने यहां ऐतिहासिक अल्बर्ट हॉल के सामने आयोजित समारोह में शर्मा को मुख्यमंत्री तथा दीया कुमारी एवं डॉ. प्रेमचंद बैरवा को उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। तीनों ने हिंदी में शपथ ली।
समारोह में निवर्तमान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल हुए जो भाजपा के अनेक केंद्रीय मंत्रियों एवं मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में अकेले कांग्रेसी नजर आए। समारोह में बड़ी संख्या में नवनिर्वाचित विधायक एवं पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
बाद में मुख्यमंत्री शर्मा ने सचिवालय स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अर्जुन मेघवाल, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सी पी जोशी और अन्य नेता मौजूद थे। जैसे ही शर्मा मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे राजे ने उन्हें आशीर्वाद देते हुए उनके सिर पर हाथ रखा।
मंगलवार को शर्मा को विधायक दल का नेता चुने जाने से पहले तक जिन नेताओं को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल माना जा रहा था उनमें राजे भी शामिल थीं।
‘लो-प्रोफाइल’ रहकर काम करने वाले शर्मा के प्रति समर्थन दिखाने वाला असली कार्यक्रम शपथ ग्रहण समारोह था। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा मौजूद थे। इसके साथ ही भाजपा शासित मध्य प्रदेश के नवनियुक्त मुख्यमंत्री मोहन यादव, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र भाई पटेल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी शामिल हुए।
समारोह के लिए राजस्थान की राजधानी जयपुर के मुख्य मार्गों और प्रवेश मार्गों को सजाया गया था। इनमें भाजपा के झंडे और केंद्र सरकार की तमाम कल्याणकारी योजनाओं वाले पोस्टर और बैनर लगाए गए थे।
समारोह के लिए तीन मंच बनाए गए थे मुख्य मंच पर राज्यपाल कलराज मिश्र, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भजनलाल शर्मा, प्रेमचंद बैरवा एवं दीया कुमारी बैठे थे। एक पर विभिन्न मंत्री एवं मुख्यमंत्री बैठे थे, वहीं एक मंच पर संत समाज के लोग बैठे थे।
शपथ ग्रहण के दौरान समर्थकों ने ‘जय श्री राम’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगाए। भजनलाल भाजपा के प्रदेश महामंत्री हैं, उनके पास राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की डिग्री है। शर्मा ने जयपुर की सांगानेर सीट 48,081 वोट के अंतर से जीती है। वह भरतपुर जिले के रहने वाले हैं।
शपथ ग्रहण समारोह से पहले शर्मा ने सुबह यहां गोविंद देवजी मंदिर में दर्शन किये और टोंक रोड पर पिंजरापोल गौशाला में गायों को चारा खिलाया। उन्होंने अपने माता-पिता का आशीर्वाद भी लिया।
शर्मा ने शुक्रवार रात मुख्यमंत्री कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेस को संबोंधित करते हुए कहा, ‘‘पिछले पांच वर्षों में हुए पेपरलीक के मामलों की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) गठित करने का निर्णय लिया गया है। इससे पेपरलीक जैसे जघन्य अपराध कर प्रदेश की युवा शक्ति के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले अपराधियों को सख्त सजा मिलेगी। साथ ही, भविष्य में कोई पेपरलीक की घटना न हो यह सुनिश्चित किया जाएगा।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले पांच साल में प्रदेश में बड़ी संख्या में गिरोह और माफिया पनपे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आमजन माफियाओं के आंतक के साये में जीवन व्यतीत करने के लिए विवश थे। इनकी गतिविधियों की वजह से प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा चुकी है। इसे वापस पटरी पर लाने तथा प्रदेश में शांति एवं सुशासन की पुनर्स्थापना के लिए संगठित अपराध का उन्मूलन आवश्यक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश में शांति एवं सुशासन की पुनर्स्थापना के लिये संगठित अपराध के उन्मूलन के वास्ते अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में विशेष कार्यदल (एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स) के गठन का निर्णय लिया गया है।’’
उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सभी प्रकार के गैंगस्टर के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के विरूद्ध अपराधों के समूल उन्मूलन के लिए हमारी सरकार कृतसंकल्पित है। महिला सुरक्षा, भ्रष्टाचार उन्मूलन सरकार की मुख्य प्राथमिकताएं होंगी।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी एवं प्रेमचंद बैरवा ने भी बाद में अपने अपने कार्यालय में कार्यभार ग्रहण कर लिया। समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने 'कट्टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी' माने जाने वाले केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत के बगल में बैठे। दोनों नेता काफी समय तक एक दूसरे से गर्मजोशी से बातचीत करते नजर आए।
गहलोत केंद्रीय मंत्री शेखावत पर ‘संजीवनी क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी ‘घोटाले’ में शामिल होने का आरोप बार बार लगाते रहे हैं, इस पर शेखावत ने दिल्ली में गहलोत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
राज्य में विधानसभा की 200 में से 199 सीट पर 25 नवंबर को मतदान हुआ। भाजपा ने 115 सीट जीती, जबकि कांग्रेस को 69 सीट मिली। करणपुर सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया गया था। इस सीट पर अब पांच जनवरी को मतदान होगा।
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