देश की खबरें | भैरोंसिंह शेखावत राजनीति में उतार-चढ़ाव और चुनौतियों से कभी विचलित नहीं हुए: राजे

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत राजनीति में उतार-चढ़ाव और चुनौतियों से कभी विचलित नहीं हुए, लेकिन उस वक्त वे बहुत आहत हुए थे जब वे क्लीवलैंड इलाज के लिए गये थे और पीछे से उनकी सरकार को गिराने की साज़िश रची गई।

जयपुर, 16 मई राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने सोमवार को कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत राजनीति में उतार-चढ़ाव और चुनौतियों से कभी विचलित नहीं हुए, लेकिन उस वक्त वे बहुत आहत हुए थे जब वे क्लीवलैंड इलाज के लिए गये थे और पीछे से उनकी सरकार को गिराने की साज़िश रची गई।

शेखावत के जीवन पर भारतीय पुलिस सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी बहादुर सिंह राठौड द्वारा लिखी गई एक पुस्तक का विमोचन करने के बाद एक कार्यक्रम को संबोंधित करते हुए राजे ने कहा कि शेखावत कहते थे कि सेवा नीति पर चलने वाला व्यक्ति तकलीफ़ ज़रूर पा सकता है, लेकिन मात नहीं खा सकता।

राजे ने शेखावत को याद करते हुए कहा, ‘‘शेखावत राजनीति में उतार-चढ़ाव और चुनौतियों से कभी विचलित नहीं हुए, लेकिन उस वक्त वे बहुत आहत हुए थे, जब वे क्लीवलैंड इलाज के लिए गये थे और पीछे से उनकी सरकार को गिराने की साज़िश रची गई थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘एक तरफ़ तो 1996 में क्लीवलैंड में उनकी हृदय की सर्जरी हो रही थी और दूसरी तरफ़ जयपुर में उनकी सरकार को गिराने के लिए ऑपरेशन चल रहा था।’’ उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार गिराने वाली ताकतें इसमें सफल नहीं हुई लेकिन ‘‘भैरोंसिंह जी पीठ में छुरा घोपनें के प्रयास की इस घटना से बहुत आहत हुए थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसमें कई ऐसे लोग भी शामिल थे जिनकी उन्होंने खूब मदद की थी।’’

राजे ने कहा, ‘‘वे यह भी कहते थे कि राजनीति में जितनी बाधायें आती हैं, जितना कठिन समय आता है,व्यक्ति उतना ही तप कर मजबूत होता है। ऐसे दौर में ही अपने परायों की पहचान होती है। मुश्किलें जब आती हैं, तो सबसे पहले अधिकतर वे इंसान ही आपसे अलग होते हैं,जिनकी आपने सबसे अधिक मदद की’’ शेखावत उस समय राजस्थान के मुख्यमंत्री थे।

उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक दल कोई भी हो शेखावत की स्थाई दुश्मनी किसी से नहीं रही, उनकी सब से मित्रता रही। हाँ यदि विचारधारा की बात आती थी, तो चाहे कितनी ही मित्रता हो, भैरोंसिंह जी कभी समझौता नहीं करते थे।’’ उन्होंने कहा कि उनकी ऐसी खूबियों ने ही भारतीय राजनीति में उन्हें शिखर पर पहुँचाया।

राजे ने कहा, ‘‘इसमें कोई दो राय नहीं है कि मुझे राजनीति में मेरी मॉ राजमाता साहब लाई थीं,लेकिन यह भी सच है कि मुझे इस मुक़ाम तक पहुँचाने में भैरोंसिंह शेखावत साहब की भी भूमिका अहम थी।’’

उन्होंने कहा कि शेखावत राजनीति के अनुभवी खिलाडी थे जिन्होंने राजस्थान में भाजपा की जडे़ं जमाई।

राजे ने कार्यक्रम में ‘‘धरती पुत्र भैंरों सिंह शेखावत’’ नामक पुस्तक का विमोचन किया।

कुंज

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