एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | बेंगलुरु भगदड़: भाजपा मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन करेगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई ने बेंगलुरु में चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़ के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कसूरवार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग को लेकर राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन करने की मंगलवार को घोषणा की।

देश की खबरें | बेंगलुरु भगदड़: भाजपा मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन करेगी

शिवमोगा, 10 जून भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई ने बेंगलुरु में चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास मची भगदड़ के लिए मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को कसूरवार ठहराते हुए उनके इस्तीफे की मांग को लेकर राज्यव्यापी विरोध-प्रदर्शन करने की मंगलवार को घोषणा की।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि 13 जून को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा, जिसके बाद मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की योजना है और 16 जून को सभी विधानसभा क्षेत्रों में विरोध-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि सिद्धरमैया और शिवकुमार जब तक इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।

आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की जीत का जश्न मनाने के लिए बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमियों की भीड़ जुटने के बाद चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास पिछले बुधवार को मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 56 अन्य घायल हो गए थे।

शिवमोगा में संवाददाताओं से मुखातिब विजयेंद्र ने कहा, “मैंने मीडिया में आई उन खबरों को देखा है, जिनमें कहा गया है कि कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को दिल्ली बुलाया है। मुझे नहीं पता कि कांग्रेस आलाकमान कितना मजबूत है, आप जानते होंगे... मुझे उम्मीद नहीं है कि कांग्रेस आलाकमान जिम्मेदारी के साथ काम करेगा और सिद्धरमैया और शिवकुमार का इस्तीफा लेगा तथा गृह मंत्री जी परमेश्वर को जिम्मेदार ठहराएगा।”

उन्होंने कहा कि भाजपा एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में काम करेगी और उसने विरोध-प्रदर्शन शुरू करने का फैसला किया है।

विजयेंद्र ने आरोप लगाया, “यह जनविरोधी और भ्रष्ट कांग्रेस सरकार है। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री अपनी करतूतों के कारण लोकप्रियता खो रहे हैं। वे जब तक सत्ता में रहेंगे, तब तक लोगों का कोई भला नहीं होगा और राज्य की छवि को भी नुकसान पहुंचेगा।”

उन्होंने कहा, “भाजपा ने इस सरकार के सत्ता से बाहर न होने तक विरोध-प्रदर्शन करने का फैसला किया है। 13 जून को पार्टी के 15,000-20,000 कार्यकर्ता, इस सरकार से नाराज लोग और मृतकों के परिजन विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेंगे।”

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच आईपीएल में आरसीबी की जीत को अपने राजनीतिक फायदे के लिए भुनाने की होड़ के चलते बेंगलुरु में दो बार जीत का जश्न मनाया गया।

उन्होंने दावा किया कि जब मुख्यमंत्री ने विधान सौध (कर्नाटक विधानमंडल परिसर) की सीढ़ियों पर आरसीबी टीम को सम्मानित करने का फैसला किया, तो शिवकुमार ने अपनी शक्ति का इस्तेमाल करते हुए चिन्नास्वामी स्टेडियम में एक और समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया।

विजयेंद्र ने कहा, “शिवकुमार हवाई अड्डे पर ऐसे पहुंचे, जैसे वह खुद कोई चैंपियन हों और उनका (टीम का) स्वागत किया। हमने इसके दृश्य देखे हैं।”

उन्होंने विधान सौध में प्रस्तावित कार्यक्रम के बारे में ‘एक्स’ पर मुख्यमंत्री के पोस्ट की ओर इशारा किया, जिसमें लोगों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया गया था।

सरकार को कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार करने के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी, विधान सौध सुरक्षा) के पत्र का जिक्र करते हुए विजयेंद्र ने कहा, “सरकार ने पत्र को गंभीरता से नहीं लिया और अनुमति दे दी गई, क्योंकि वे आरसीबी की जीत से राजनीतिक लाभ पाने के लिए उत्सुक थे।”

विजयेंद्र ने सिद्धरमैया के इस बयान की निंदा कि विधान सौध में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई, जहां उन्होंने आरसीबी टीम को सम्मानित किया था। भाजपा नेता ने दावा किया कि “ऐसा लगता है कि मुख्यमंत्री यह कहना चाह रहे हैं कि स्टेडियम में जीत के जश्न का नेतृत्व शिवकुमार ने किया था और वहां हुई मौतों के लिए वही जिम्मेदार हैं।”

विजयेंद्र ने कहा कि ये 11 मौतें दुर्घटनावश नहीं हुई थीं। उन्होंने आरोप लगाया, “इनके लिए न केवल राज्य सरकार की लापरवाही जिम्मेदार है, बल्कि यह एक आपराधिक घटना है।”

भाजपा नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की गलतियों को छिपाने के लिए उपायुक्त बी दयानंद सहित पांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया और पुलिस अधिकारियों को किसी और ने नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री ने ही “बलि का बकरा” बनाया।

उन्होंने कहा कि निलंबन की यह कार्रवाई भी तब हुई, जब उच्च न्यायालय ने मामले का स्वत: संज्ञान लिया और राज्य सरकार से कई सवाल पूछे।

विजयेंद्र ने कहा कि मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का उस दिन मौतों के बावजूद जश्न जारी रखना “अमानवीय” था।

भाजपा नेता ने स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम से किनारा करने और यह दावा करने के लिए सिद्धरमैया पर निशाना साधा कि उन्हें शाम पांच बजे तक भगदड़ और मौतों के बारे में जानकारी नहीं थी।

विजयेंद्र ने कटाक्ष किया, “हमारे मुख्यमंत्री इतने भोले हैं कि उन्हें मौतों के बारे में पता ही नहीं था। वह होटल में डोसा खा रहे थे।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Jun 10, 2025 06:00 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).