देश की खबरें | बेंगलुरु : नालों पर कब्जा करने वालों में प्रमुख आईटी पार्क और पॉश विला अव्वल

बेंगलुरु, 14 सितंबर बेंगलुरु के नगर निकाय ने कई अवैध ढांचों की पहचान की है जिन्हें नालों पर बनाया गया है। इसकी वजह से हाल में शहर को, खासतौर पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) गलियारे और अहम सड़कें के आसपास भीषण बाढ़ का सामना करऩा पड़ा था।

अतिक्रमण विरोधी अभियान की गूंज बुधवार को राज्य विधानसभा में भी सुनाई दी और मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने सदन में जोर दिया कि नालों को अतिक्रमण से मुक्त कराने के अभियान के दौरान किसी से भी कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा।

बृहद बेंगलुरु महानगरपालिका (बीबीएमपी) में सहायक कार्यकारी अभियंता के मुताबिक बेगमाने टेकपार्क, विप्रो, पूर्वा पैराडाइज ने महादेवपुरा जोन में कई जगह पर नालों पर कथित तौर पर अतिक्रमण किया है। महादेवपुरा जोन में बाढ़ की वजह से सबसे अधिक समस्या हुई थी।

सहायक कार्यकारी अभियंता (एईई) के मुताबिक रियल एस्टेट कंपनी आरबीडी अन्य प्रमुख अतिक्रमणकर्ता है जिसने जन्नासंद्रा, हलनायकनहल्ली और डोडाकन्नाहल्ली में अतिक्रमण किया। इसके साथ ही ‘इकोस्पेस’ ने बेल्लांदुर में तथा गोपालन ग्रुप ने हूडी और बेल्लांदुर में अतिक्रमण किया है।

बेल्लांदुर शहर की सबसे बड़ी झील है जो अतिक्रमण की वजह से सिमट गई है।

अन्य कथित अतिक्रमणकर्ताओं में आदर्श, कोलंबिया एशिया अस्पताल, न्यू होराइजन कॉलेज, आदर्श रीट्रीट, एप्सिलोन, दिव्यश्री, प्रेसटीज, सलारपुरिया और नालापाद शामिल हैं।

बीबीएमपी के मुख्य आयुक्त तुषार गिरि नाथ ने बताया कि निकाय सबसे पहले उन इमारतों के मालिकों को नोटिस देगा, जिन्होंने नालों पर अतिक्रमण किया है और उनके जवाब के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री बोम्मई ने विधानसभा में कहा कि बीबीएमपी के मुख्य आयुक्त और अन्य अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे किसी दबाव में नहीं आएं।

गौरतलब है कि भारी बारिश की वजह से बाढ़ आने से करीब दो सप्ताह पहले 17 अगस्त को नाला प्रकोष्ठ के एईई ने अपने उच्च अधिकारियों को ‘प्रभावशाली लोगों’’ द्वारा नालों पर अतिक्रमण के प्रति आगाह किया था।

सरकारी अधिकारियों के मुताबिक नालों पर किए गए 1,953 अतिक्रमण में से करीब 1,300 अतिक्रमण को हटा दिया गया हैं

उन्होंने बताया हालांकि, बीबीएमपी करीब 630 अतिक्रमण स्थलों को मुक्त नहीं करा पाया है क्योंकि उन पर आवासीय इमारतें, अपार्टमेंट, फर्म, स्कूल और अस्पतालों का निर्माण हो चुका है।

उन्होंने बताया कि अधिकतर अतिक्रमण महादेवपुरा और बोम्मनहल्ली जोन में हैं जबकि येलहंका में सर्वेक्षण का कार्य जारी है।

बीबीएमपी अधिकारियों के मुताबिक शहर के बड़े नालों की कुल लंबाई करीब 860 किलोमीटर है जिनमें प्रमुख नालों की चौड़ाई करीब 60 फुट है लेकिन अतिक्रमण की वजह से यह 10 या 20 फुट चौड़ी रह गई हैं।

इस बीच, बीबीएमपी का अतिक्रमण रोधी अभियान बुधवार को लगातार तीसरे दिन जारी रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ हमने अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है। हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करेंगे। कर्नाटक लोकायुक्त ने कानून सम्मत प्रक्रिया का अनुपालन करने का निर्देश दिया है।’’

उन्होंने कहा कि घरों को गिराना ‘‘ उपलब्धि’’ नहीं है। मुख्यमंत्री ने दूसरों को जिम्मेदार ठहराने के बजाय समाधान तलाशने पर जोर दिया।

बोम्मई ने यह प्रतिक्रिया जनता दल (सेकुलर) नेता एच. डी. कुमारस्वामी के आरोप पर दिया। कुमारस्वामी ने कहा कि शहर झील की जमीन पर बस अड्डा और अन्य ढांचा बनाने के नतीजे भुगत रहा है। उन्होंने बेंगलुरु विकास प्राधिकरण को शहर के कई झीलों के गायब होने और बाढ़ के लिए जिम्मेदार ठहराया।

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