देश की खबरें | बेंगलुरु नगर निकाय ने अतिक्रमण रोधी अभियान तेज़ किया

बेंगलुरु, 13 सितंबर कर्नाटक में बेंगलुरु नगर निकाय ने अपने अतिक्रमण रोधी अभियान को मंगलवार को तेज़ कर दिया और उन सभी कथित अवैध ढांचों को ढहा दिया जिनसे पानी का प्रवाह रुक रहा था और इसी वजह से शहर के कुछ इलाकों में भारी बारिश के बाद बाढ़ आ गई थी। वहीं कर्नाटक सरकार ने आश्वासन दिया कि बारिश के पानी की निकासी के लिए चल रहे काम को समय पर पूरा किया जाएगा।

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि बारिश के पानी की निकासी के लिए नालों की क्षमता बढ़ाने के लिहाज से मास्टर प्लान फिर से तैयार किया जा रहा है।

इस तरह के आरोप लग रहे हैं कि विध्वंस कार्रवाई से ‘प्रभावशाली व ताकतवर’ लोगों को बख्शा जा रहा है। इस पर सरकार ने दावा किया कि किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा और सभी अवैध ढांचों को ध्वस्त किया जाएगा।

देश की सूचना प्रौद्योगिकी राजधानी कहे जाने वाले शहर के कुछ इलाकों में पिछले हफ्ते भारी बारिश के बाद बाढ़ आ गई थी जिससे जन जीवन पटरी से उतर गया था। इसके बाद यह चर्चा शुरू हुई कि अतिक्रमण की वजह से बाढ़ आई है।

वृहद बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) ने महादेवपुरा क्षेत्र के शांतिनिकेतन में यह अभियान चलाया है।

अतिक्रमण रोधी अभियान में पॉश इलाके में कुछ बंगलों के कुछ हिस्से आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए।

अभियान में शामिल बीबीएमपी के एक अधिकारी ने कहा कि सरकार ने मंजूरी दे दी है और किसी भी व्यक्ति को बख्शने का कोई सवाल ही नहीं है, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो।

क्षेत्र के कुछ निवासियों ने आरोप लगाया है कि इस अभियान में केवल गरीबों को निशाना बनाया जा रहा है जबकि पॉश इलाके और प्रमुख आईटी पार्कों में “प्रभावशाली व ताकतवर” लोगों द्वारा किए गए अतिक्रमण को नहीं हटाया जा रहा।

इस बीच, राजस्व मंत्री आर अशोक ने संवाददाताओं से कहा कि उनका विभाग बीबीएमपी को अतिक्रमणों की सूची दे रहा है।

अशोक ने कहा, “मैंने उपायुक्त, सहायक आयुक्त और तहसीलदारों को निर्देश दिया है कि वे बीबीएमपी के साथ खड़े रहें तथा उन्हें दस्तावेज मुहैया कराते रहें और बड़े, छोटे आदि को देखे बिना (अवैध) ढांचे को पूरी तरह से ध्वस्त कर दें।”

बीबीएमपी ने सोमवार को तोड़फोड़ अभियान शुरू किया था और महादेवपुरा क्षेत्र में कम से कम 10 स्थानों की पहचान की गई है जिनसे पानी की निकासी रूक रही है। इसमें एक प्रमुख निजी स्कूल का भवन, खेल का मैदान और बगीचा शामिल है।

बोम्मई ने विधानसभा में आश्वासन दिया कि सरकार सुनिश्चित करेगी कि बरसाती पानी की निकासी के लिए काम समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए और इसके लिए काम पूरे शहर में जारी है।

उन्होंने कहा कि बरसाती नालों से अतिक्रमण को हटाने के काम में समय लग रहा है और सरकार इस दिशा में सक्रिय है।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस काम के लिए बजट में 1500 करोड़ रुपये रखे हैं और हाल में मैंने 300 करोड़ रुपये और दिये। इस तरह बरसाती नालों के लिए कुल 1800 करोड़ रुपये दिये जा चुके हैं। यह काफी नहीं होगा और अतिरिक्त बजट दिया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कुल 859.90 किलोमीटर लंबे बरसाती नालों का काम पूरा हो। उन्होंने कहा कि इसमें दो साल का वक्त लग सकता है लेकिन सरकार लगातार बजट मुहैया कराएगी और काम पूरा करेगी।

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