सिलीगुड़ी (पश्चिम बंगाल), छह सितंबर पश्चिम बंगाल में सिलीगुड़ी के माटिगारा में 11वीं कक्षा की एक छात्रा का अपहरण करने और उस पर यौन हमले की नाकाम कोशिश के बाद उसकी हत्या करने के आरोपी एक व्यक्ति को 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
चौदह दिनों की पुलिस हिरासत के बीत जाने पर आरोपी को सोमवार को सिलीगुड़ी की उपखंडीय अदालत में पेश किया गया था जिसने उसे 14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पिछले महीने नेपाली माध्यम के एक विद्यालय से 11वीं कक्षा की एक छात्रा घर लौट रह थी, तब आरोपी उसे अगवा कर एक टूटे-फूटे मकान में ले गया और उसके साथ जोर-जबर्दस्ती करने की कोशिश की। जब लड़की ने विरोध किया, तब आरोपी ने पत्थर से वार कर उसकी जान ले ली। बाद में लड़की का शव मिला और फिर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
विभिन्न संगठनों ने आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करते हुए अदालत परिसर में प्रदर्शन किया ।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को अदालत में पेश किया गया और अदालत ने पहले उसे 10 दिनों के लिए और फिर चार दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेजा था।
इस घटना के विरोध में सिलीगुड़ी तथा दार्जलिंग एवं कलिमपोंग की पहाड़ियों पर बंद समेत बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किये गए।
दार्जिलिंग के भाजपा सांसद राजू बिस्ता के साथ राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने लड़की के परिवार के सदस्यों से भेंट की थी और कहा था कि यह सुनिश्चित करने के लिए बहुआयामी कदम उठाये जाने चाहिए कि ऐसी घटनाएं फिर न हों।
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर परोक्ष रूप से प्रहार करते हुए बोस ने कहा था कि ‘कन्या की जिंदगी के बिना कन्याश्री नहीं हो सकती है।’
कन्याश्री तृणमूल कांग्रेस की एक प्रमुख योजना है जिसका मकसद बीच में ही स्कूल छोड़ देने वाली लड़कियों की संख्या में कमी लाना तथा कम उम्र में उनकी शादी पर रोक लगाना है।
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