देश की खबरें | बंगाल : यादवपुर विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी, कुलपति अस्पताल में भर्ती
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कोलकाता, पांच मार्च यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) में बुधवार को लगातार तीसरे दिन भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। छात्र अपने साथियों पर कथित हमलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने अंतरिम कुलपति भास्कर गुप्ता से उनकी शिकायतों का समाधान करने के लिए शाम 4 बजे तक की समयसीमा तय की थी। अधिकारियों ने बताया कि गुप्ता हालांकि उपस्थित नहीं हुए क्योंकि उन्हें सुबह एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वर्तमान में वे चिकित्सा निगरानी में हैं।
गुप्ता की पत्नी ने दावा किया कि उनका रक्तचाप बढ़ गया है और वह अस्वस्थ हैं।
इसके बावजूद, छात्रों ने अपना विरोध जारी रखने का संकल्प जताया तथा आरोप लगाया कि कुलपति ने घटना के बाद से कोई जिम्मेदारी या तत्परता नहीं दिखाई।
वाम समर्थित संगठन के एक प्रदर्शनकारी छात्र ने कहा, “एक छात्र के जीवन के लिए संघर्ष करने के बावजूद कुलपति ने कोई सहानुभूति नहीं दिखाई, न ही संकट को कम करने के लिए लंबित मुद्दों का समाधान करने की कोई तत्परता दिखाई। उन्होंने हमसे मिलने के लिए कोई शिष्टाचार या तत्परता नहीं दिखाई है। हमने शाम चार बजे तक की समयसीमा दी है, लेकिन अब वह अस्पताल में भर्ती हैं और कारण उन्हें ही पता होगा।”
छात्र ने कहा, “हम दबाव बनाए रखेंगे ताकि वह अस्पताल से लौटने के बाद हमसे बातचीत के लिए आएं।”
पूरे दिन, ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एआईडीएसओ) और डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स फेडरेशन (डीएसएफ) सहित कई धुर-वामपंथी छात्र समूहों के सदस्यों ने प्रदर्शन किया।
राज्य कांग्रेस ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित अत्याचार के खिलाफ यादवपुर विश्वविद्यालय गेट पर विरोध प्रदर्शन किया।
छात्रों की मांगों में शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के खिलाफ ‘हिट-एंड-रन’ का मामला दर्ज करना शामिल है, जिनकी कार ने कथित तौर पर छात्र इंद्रानुज रॉय को टक्कर मार दी थी। रॉय का इलाज चल रहा है।
उन्होंने छात्रों के खिलाफ पुलिस के मामलों को वापस लेने और गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई की भी मांग की।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, घटना के संबंध में सात मामले दर्ज किए गए हैं जिनमें रॉय के खिलाफ चार मामले शामिल हैं।
इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि विश्वविद्यालय घायल छात्रों के इलाज का पूरा खर्च वहन करे।
एसएफआई ने बसु के इस्तीफे की मांग दोहराई और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की छात्र इकाई टीएमसीपी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पर परिसर में हिंसा भड़काने का आरोप लगाया।
घायल इंद्रानुज के पिता अमित रॉय ने जारी हंगामे के बीच बसु के प्रयासों को स्वीकारा। उन्होंने एआईडीएसओ और डीएसएफ छात्रों के साथ विरोध प्रदर्शन में भी भाग लिया।
विश्वविद्यालय परिसर में एक मार्च को हुई हिंसा के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इस हंगामे के दौरान वहां से गुजरी बसु के काफिले की एक कार ने कथित तौर पर छात्रों को कुचल दिया जिसमें इंद्रानुज सहित दो छात्र घायल हो गए।
यह घटना तब हुई जब वामपंथी छात्रों ने छात्र संघ चुनाव के संचालन पर चर्चा की मांग करते हुए मंत्री को परिसर से बाहर जाने से रोकने का प्रयास किया। विश्वविद्यालय में कई वर्ष से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं।
विरोध प्रदर्शन के दौरान अपनी कार की ‘विंडशील्ड’ क्षतिग्रस्त होने से बसु खुद घायल हो गए।
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