देश की खबरें | ग्रामीण व्यक्तियों के लिए बंगाल सरकार ने शुरू की स्वयं सहायता समूह सरीखी योजना
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की राह पर चलते हुए, ग्रामीण मजदूरों के पलायन को रोने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल सरकार पुरुषों के लिए एक योजना की शुरुआत करने की योजना बना रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
कोलकाता, 18 नवंबर महिलाओं द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) की राह पर चलते हुए, ग्रामीण मजदूरों के पलायन को रोने के उद्देश्य से पश्चिम बंगाल सरकार पुरुषों के लिए एक योजना की शुरुआत करने की योजना बना रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने कहा कि पुरुषों के लिए बना एसएचजी देश में अपनी तरह की “अभूतपूर्व” पहल होगी और इसका नाम होगा ‘उत्पादकों का समूह।’ अधिकारी ने कहा, “इन समूहों को छोटे व्यवसाय में शामिल किया जाएगा। राज्य सरकार अपने विभिन्न विभागों की योजनाओं के जरिये उनकी सहायता करेगी। शीघ्र ही इन योजनाओं का लाभ एक छत के तले मिलेगा जो कि अपना व्यवसाय शुरू करने वाले पुरुष उठा सकेंगे।”
उन्होंने कहा कि सहकारी बैंक जरूरतमंदों को ऋण से सकेंगे। अधिकारी ने कहा, “हम अन्य बैंकों के भी संपर्क में हैं। नई परियोजना की शुरुआत से ही सरलता से ऋण मिल सकेगा।”
यह पूछे जाने पर कि इस योजना के माध्यम से व्यक्ति कौन सा व्यवसाय शुरू कर सकेगा, अधिकारी ने बताया कि बागवानी, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण से लेकर परिवहन और खाद्य भंडारण जैसे विकल्प अपनाए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा, “एक समूह में अधिकतम 10 व्यक्तियों को लिया जाएगा। शुरुआत में हम पांच का समूह बनाने पर विचार कर रहे हैं।” उन्होंने कहा कि इस योजना से राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और मजदूरों का अन्य राज्यों में पलायन रुकेगा।
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