देश की खबरें | बंगाल सरकार भाजपा विधायकों के खिलाफ कार्रवाई पर रोक को चुनौती दे सकती है : अदालत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक पीठ ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को राष्ट्र गान के कथित अपमान का आरोप लगाने वाली एक शिकायत पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई विधायकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर कार्रवाई करने को लेकर एकल पीठ द्वारा लगाई गई रोक को चुनौती देने के लिए अपील दायर करने की अनुमति दे दी।
कोलकाता, 13 दिसंबर कलकत्ता उच्च न्यायालय की एक पीठ ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को राष्ट्र गान के कथित अपमान का आरोप लगाने वाली एक शिकायत पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई विधायकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर कार्रवाई करने को लेकर एकल पीठ द्वारा लगाई गई रोक को चुनौती देने के लिए अपील दायर करने की अनुमति दे दी।
कोलकाता पुलिस द्वारा पांच भाजपा विधायकों को एक शिकायत पर नोटिस भेजा गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने पिछले महीने पश्चिम बंगाल विधानसभा परिसर में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायकों द्वारा राष्ट्रगान गाए जाने के दौरान उसका अपमान किया था।
भाजपा विधायक शंकर घोष और अन्य ने पार्टी विधायकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी रद्द करने की प्रार्थना करते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था।
न्यायमूर्ति जय सेनगुप्ता की एकल पीठ ने सात दिसंबर को प्राथमिकी पर किसी भी तरह की कार्रवाई करने पर 17 जनवरी तक अंतरिम रोक लगा दी थी।
राज्य सरकार के अधिवक्ता ने मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवगणनम की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष एकल पीठ के आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति मांगी थी। इस पीठ में न्यायमूर्ति हिरनमय भट्टाचार्य भी शामिल थे।
पीठ ने राज्य को अपील की प्रतियां प्रतिवादियों को देने का निर्देश दिया और कहा कि वह 20 दिसंबर को मामले की सुनवाई करेगी।
राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा भाजपा विधायकों पर राज्य सरकार विरोधी नारे लगाने और राष्ट्रगान गाए जाने के दौरान खड़े नहीं होने का आरोप लगाने के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दोनों समूह 29 नवंबर को अलग-अलग मुद्दों पर धरना दे रहे थे और एक दूसरे के करीब ही थे।
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