देश की खबरें | ‘बंगाल डॉक्टर्स फोरम’ ने डॉक्टर को तृणमूल विधायक की कथित धमकी को लेकर नाराजगी जताई

कोलकाता, 11 जुलाई ‘पश्चिम बंगाल डॉक्टर्स फोरम (डब्ल्यूबीडीएफ)’ ने मुख्य सचिव मनोज पंत को पत्र लिखकर तृणमूल कांग्रेस के विधायक कंचन मलिक द्वारा ड्यटी पर तैनात एक डॉक्टर को तबादले की कथित तौर पर धमकी दिये जाने को लेकर शुक्रवार को नाराजगी जताई।

विधायक को यहां एक सरकारी चिकित्सा केंद्र में अपने रिश्तेदार के इलाज के लिए कतार में इंतजार करना पड़ा था।

फोरम ने मलिक के व्यवहार को पश्चिम बंगाल चिकित्सा सेवा कर्मी और चिकित्सा सेवा संस्थान (हिंसा और संपत्ति क्षति निवारण) अधिनियम, 2009 का ‘‘स्पष्ट उल्लंघन’’ बताया गया है।

डब्ल्यूबीडीएफ के अध्यक्ष डॉ. कौशिक चाकी ने कहा, ‘‘हमारा दृढ़ मत है कि इस तरह के व्यवहार को किसी भी परिस्थिति में माफ नहीं किया जाना चाहिए। श्री मलिक के विरूद्ध बिना किसी देरी या भेदभाव के कानून सम्मत कार्रवाई की जानी चाहिए।’’

डब्ल्यूबीडीएफ ने यह भी मांग की कि राज्य सरकार अस्पतालों को निर्देश जारी करे कि यदि ऐसी कोई घटना सामने आए तो वे तुरंत पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं।

पत्र में कहा गया है कि एक कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए कि स्वास्थ्य सेवा में हिंसा कहीं भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह कथित घटना उस समय घटी जब मलिक अपनी पत्नी श्रीमोई के साथ अपनी रिश्तेदार के इलाज के लिए कोलकाता के ‘स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन’ के बाह्य रोगी विभाग (ओपीडी) में कतार में इंतजार कर रहे थे।

इंतजार करते समय, उनका संबंधित चिकित्सक के साथ कथित तौर पर वाकयुद्ध हो गया तथा उन्होंने उन पर मरीजों को देखने में देरी करने का आरोप लगाया।

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