देश की खबरें | तीन करोड़ से अधिक के धोखाधड़ी मामलों में सलाहकार बोर्ड की सिफारिश लें बैंक : सीवीसी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों और बीमा कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वे तीन करोड़ रुपये या इससे अधिक की धोखाधड़ी के सभी मामलों में इसके सलाहकार बोर्ड से सिफारिशें मांगें।

नयी दिल्ली, 27 जनवरी केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने सार्वजनिक क्षेत्र के सभी बैंकों और बीमा कंपनियों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वे तीन करोड़ रुपये या इससे अधिक की धोखाधड़ी के सभी मामलों में इसके सलाहकार बोर्ड से सिफारिशें मांगें।

सीवीसी ने कहा कि किसी भी अभियोजन स्वीकृति मामले में सलाह के लिए आयोग से संपर्क करते समय, मुख्य सतर्कता अधिकारी (सीवीओ) को यह उल्लेख करना चाहिए कि क्या मामला दी गई सिफारिशों के विवरण के अलावा संदर्भ की तारीख के साथ सलाहकार बोर्ड को संदर्भित करने के योग्य है या नहीं?

आयोग ने 21 जनवरी को सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और बीमा कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों और सीवीओ को इस संबंध में एक आदेश जारी किया था।

सीवीओ भ्रष्टाचार के मामलों से निपटने के लिए सीवीसी की विस्तारित ‘शाखा’ के रूप में कार्य करता है।

सीवीसी ने गत छह जनवरी को ‘बैंकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी के लिए सलाहकार बोर्ड’ (एबीबीएफएफ) के दायरे का विस्तार किया था, जो सभी स्तर पर अधिकारियों की भूमिका की जांच के अलावा तीन करोड़ रुपये या इससे अधिक के सभी बैंक धोखाधड़ी मामलों की प्रथम स्तरीय जांच करता है।

इससे पहले, संबंधित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी जांच एजेंसियों को सिफारिशें किये जाने या संदर्भ दिए जाने से पहले 50 करोड़ रुपये और उससे अधिक की बैंकिंग और वित्तीय धोखाधड़ी के संबंध में बोर्ड से परामर्श करना आवश्यक था।

आयोग ने अपने छह जनवरी के आदेश में कहा था कि सलाहकार बोर्ड समय-समय पर वित्तीय प्रणाली में धोखाधड़ी का विश्लेषण कर सकता है और भारतीय रिजर्व बैंक और सीवीसी को धोखाधड़ी से संबंधित किसी भी नीति निर्माण के लिए सुझाव दे सकता है ।

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