जरुरी जानकारी | बैंकों को पूर्वोत्तर में एमएसएमई, स्टार्टअप का सहयोग करने की जरूरत: केंद्रीय मंत्री रेड्डी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और पूर्वोत्तर राज्यों में बैंकों को इनका व स्टार्टअप का सहयोग करना चाहिए।

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री जी किशन रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और पूर्वोत्तर राज्यों में बैंकों को इनका व स्टार्टअप का सहयोग करना चाहिए।

यहां ‘पूर्वोत्तर बैंकिंग सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए रेड्डी ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्रों की अपनी ही चुनौतियां हैं, जिन्हें रचनात्मक व्यावहारिक समाधान की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में संपर्क सुविधा और यातायात ढांचे में सुधार हुआ है। सभी राज्यों की राजधानियां 2024 तक रेल नेटवर्क से जुड़ी होनी चाहिए।

क्षेत्र में तीन अंतरराष्ट्रीय समेत कुल 17 हवाईअड्डे होने से हवाई यातायात 113 प्रतिशत बढ़ गया है।

कार्यक्रम में वित्त राज्यमंत्री भागवत के कराड ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के लोगों की प्रति-व्यक्ति आय सुधारने का निर्णय लिया है।

वित्तीय समावेश के लिए सरकार की योजनाएं अच्छा काम कर रही हैं और ऋण वृद्धि में 85 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है।

उन्होंने बैंक अधिकारियों से क्षेत्र में बैंकिंग ढांचा बेहतर करने और डिजिटल बैंकिंग इकाइयां शुरू करने के लिए कहा।

पूर्वोत्तर क्षेत्र राज्य मंत्री बीएल वर्मा ने प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा कि बैंक और वित्तीय संस्थान वित्तीय समावेश लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के विभाग के मंत्रालय के सचिव लोक रंजन ने कहा कि क्षेत्र के तेज विकास के लिए और संसाधनों की जरूरत है।

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