जरुरी जानकारी | बैंकों ने 19 लाख एमएसएमई, अन्य कंपनियों के लिये 79 हजार करोड़ रुपये के कर्ज को मंजूरी दी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि बैंकों ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिये 3 लाख करोड़ रुपये के आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 20 जून तक 19 लाख एमएसएमई और अन्य कंपनियों के लिये 79,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसमें से 35,000 करोड़ रुपये वितरित किये जा चुके हैं।

नयी दिल्ली, 23 जून वित्त मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि बैंकों ने सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों (एमएसएमई) के लिये 3 लाख करोड़ रुपये के आपात ऋण सुविधा गारंटी योजना (ईसीएलजीएस) के तहत 20 जून तक 19 लाख एमएसएमई और अन्य कंपनियों के लिये 79,000 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इसमें से 35,000 करोड़ रुपये वितरित किये जा चुके हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कोरोना वायरस महामारी से प्रभावित अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिये पिछले महीने 20 लाख करोड़ रुपये के आत्मनिर्भर भारत पैकेज की घोषणा की थी। इस पैकेज का सबसे बड़ा हिस्सा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उपक्रमों (एमएसएमई) के लिये घोषित 3 लाख करोड़ रुपये की आपातकालीन ऋण सुविधा गारंटी योजना है।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: कोरोना संकट से अधर में लटकी सरकारी कर्मचारियों की यह मांग, जल्द फैसले की उम्मीद नहीं.

इसके तहत कंपनियां अपने मौजूदा कर्ज का 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त कर्ज निर्धारित ब्याज पर ले सकती हैं।

मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘सरकर ने एमएसएमई के लिये जो कदम उठाया है, वह अब जोर पकड़ रहा है। सरकार की गारंटी वाली आपात ऋण सुविधा के तहत सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के बैंकों ने 20 जून 2020 तक 79,000 करोड़ रुपये कर्ज मंजूर किये हैं। इसमें से 35,000 करोड़ रुपये पहले वितरित किये जा चुके हैं।’’

यह भी पढ़े | जम्मू-कश्मीर: पुलवामा जैसा हमला दोहराने की साजिश में जैश-ए-मोहम्मद, डीजीपी दिलबाग सिंह ने किया अहम खुलासा.

योजना के तहत कर्ज देने वाले प्रमुख बैंक में एसबीआई, एचडीएफसी बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, पीएनबी और केनरा बैंक शामिल हैं।

वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार इससे 19 लाख एमएसएमई और अन्य कंपनियों को ‘लॉकडाउन’ के बाद अपना कामकाज शुरू करने में मदद मिली है।

इसके अलावा आरबीआई की मार्च-अप्रैल 2020 में घोषित विशेष नकदी सुविधा के तहत सिडबी (भारतीय लघु उद्योग एवं विकास बैंक) ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी), छोटी राशि के कर्ज देने वाले संस्थानों और एमएसएमई तथा छोटे कर्जदारों को ऋण देने के लिये बैंकों को 10,200 करोड़ रुपये वितरित किये है।

वहीं राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) ने आवास वित्त कंपनियों के लिये 10,000 करोड़ रुपये मंजूर किये हैं।

सिडबी और एनएचबी द्वारा पुनर्वित्त मौजूदा योजनाओं के अलावा है जिसके तहत 30,000 करोड़ रुपये वितरित किये गये हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\