विदेश की खबरें | बांग्लादेश, म्यांमा ने चक्रवात ‘मोखा’ के मद्देनजर तैयारियां की

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और सहायता कार्यकर्ताओं ने कई टन सूखा खाद्य की व्यवस्था की है और बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर में दर्जनों एंबुलेंस और मोबाइल मेडिकल दलों को तैनात कर दिया है। इस शरणार्थी शिविर में 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या रहते हैं जो म्यांमा में अत्याचार से भागकर आए हैं।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और सहायता कार्यकर्ताओं ने कई टन सूखा खाद्य की व्यवस्था की है और बांग्लादेश के शरणार्थी शिविर में दर्जनों एंबुलेंस और मोबाइल मेडिकल दलों को तैनात कर दिया है। इस शरणार्थी शिविर में 10 लाख से ज्यादा रोहिंग्या रहते हैं जो म्यांमा में अत्याचार से भागकर आए हैं।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार देर रात कहा कि कॉक्स बाजार में स्थित शिविर चक्रवात ‘मोखा’ के रास्ते में पड़ते हैं और चक्रवात दक्षिणपूर्वी बांग्लादेश और म्यांमा के तटों के नज़दीक है। चक्रवात के दौरान 220 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

बांग्लादेश में कॉक्स बाजार और म्यांमा में क्यौकप्यू के बीच इसके दस्तक देने की संभावना है।

बांग्लादेश ने 1500 से ज्यादा चक्रवात शिविर तैयार किए हैं। नौसेना ने कहा कि उसने अपने 21 पोत, समुद्री गश्ती विमान और हेलीकॉप्टर को बचाव एवं राहत अभियानों के लिए तैयार रखा है।

म्यांमा में शुक्रवार से ही बारिश हो रही है और तेज़ हवाएं चल रही हैं। ‘मीइत्तर याउंग ची चैरिटी फाउंडेशन’ के प्रमुख लिन लिन ने कहा कि रखाइन प्रांत में सितवे के आसपास के गांवों के दस हजार से ज्यादा लोगों ने मठों, मंदिरों और स्कूलों समेत मजबूत इमारतों में शरण ली है।

उन्होंने कहा, “सितवे में लोगों के रहने के लिए करीब 20 स्थानों की व्यवस्था की गई है। हमारी अपेक्षा से अधिक संख्या में लोग आ गए हैं, इस वजह से हमारे पास अगले दिन के लिए पर्याप्त भोजन नहीं है। हम इसे हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं।”

बांग्लादेश के कॉक्स बाजार में अंतरराष्ट्रीय प्रवासन संगठन के उप प्रमुख निहान एर्दोगान ने कहा कि बांग्लादेश ने चक्रवात के प्रभाव से निपटने के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्रवक्ता मार्गेरेट हैरिस ने कहा कि संगठन ने कॉक्स बाजार में 40 एंबुलेंस और 33 मोबाइल मेडिकल दलों को तैयार रखा है।

बांग्लादेशी अधिकारियों ने कहा कि चक्रवात की वजह से होने वाली भारी बारिश के कारण चटगांव एवं कॉक्स बाजार तथा तीन पर्वतीय जिलों-रंगमति, बंदरबन और खगराचारी में भूस्खलन हो सकता है।

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने कहा है कि उसने इतने खाद्यान्न की व्यवस्था की है जो रखाइन एवं आसपास के इलाकों में एक महीने के लिए चार लाख से अधिक लोगों की भोजन की जरूरत को पूरा कर पाएगा।

भारत और बांग्लादेश के अधिकारियों ने कहा है कि अंडमान निकोबार द्वीप समूह, भारत के पूर्वोत्तर के हिस्सों में और बांग्लादेश के अलग अलग हिस्सों में शनिवार रात से ही भारी बारिश का अनुमान है।

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