विदेश की खबरें | चक्रवात ‘रेमल’ से निपटने के लिए बांग्लादेश ने तैयारियां कीं
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ढाका, 25 मई बांग्लादेश ने चक्रवाती तूफान ‘रेमल’ के मद्देनजर करीब 4,000 आश्रय स्थलों को तैयार कर लिया है, जहां पर्याप्त मात्रा में सूखी खाद्य सामग्री और पानी उपलब्ध है। तूफान के रविवार शाम को तट से टकराने का अनुमान है।
मीडिया की खबरों में शनिवार को बताया गया कि तटीय जिलों सतखीरा और कॉक्स बाजार में भारी बारिश होने और ऊंची लहरें उठने की आशंका है।
बांग्लादेश मौसम विज्ञान विभाग (बीएमडी) द्वारा रविवार रात 12 बजे से 1:00 बजे के बीच ‘बड़े खतरे’ की चेतावनी संदेश संख्या 10 जारी करने का अनुमान है। सरकारी समाचार एजेंसी बांग्लादेश संगबाद संस्था (बीएसएस) ने एक विशेष बुलेटिन के हवाले से कहा कि चटगांव, कॉक्स बाजार, मोंगला और पायरा के बंदरगाहों को बंगाल की खाड़ी के ऊपर गहरे दबाव के मद्देनजर स्थानीय चेतावनी संकेत संख्या तीन जारी करने की सलाह दी गई है।
मानसून से पूर्व इस मौसम में बंगाल की खाड़ी में आने वाला यह पहला चक्रवात है। हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवातों के नामकरण की प्रणाली के अनुसार इसका नाम रेमल (अरबी में इसका मतलब रेत होता है) रखा जाएगा।
आपदा प्रबंधन और राहत राज्य मंत्री मोहम्मद मोहिबुर रहमान ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि तटीय जिलों में करीब 4,000 आश्रय केंद्र तैयार किए गए हैं, जिनमें पर्याप्त मात्रा में सूखे खाद्य पदार्थ उपलब्ध हैं।
‘डेली स्टार’ अखबार ने रहमान के हवाले से कहा, ‘‘हमारे पास हालात से निपटने के लिए 80,000 स्वयंसेवक तैयार हैं और सभी आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं।’’
समाचार पोर्टल के अनुसार, मंत्री ने आगाह किया कि सतखीरा और कॉक्स बाजार के कुछ हिस्सों पर ‘रेमल’ का काफी प्रभाव पड़ सकता है, जहां 7-10 फुट ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं, भारी वर्षा हो सकती है और चटगांव के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन हो सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा शनिवार दोपहर जारी एक विशेष बुलेटिन में कहा गया कि बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य हिस्से में बना गहरा दबाव क्षेत्र खेपुपारा (बांग्लादेश) से लगभग 420 किमी दक्षिण में तथा सागर द्वीप समूह (पश्चिम बंगाल, भारत) से लगभग 420 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित है।
आईएमडी ने कहा कि इसके उत्तर दिशा की ओर बढ़ने तथा 25 मई की शाम तक पूर्व-मध्य और समीपवर्ती उत्तरी बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान के रूप में बढ़ने की आशंका है।
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