देश की खबरें | ‘प्रतिबंध की धमकियों से नहीं डरता बजरंग दल : विहिप महासचिव
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने शनिवार को कहा कि उसकी युवा शाखा बजरंग दल प्रतिबंध की धमकियों से नहीं डरती।
इंदौर (मध्यप्रदेश), 13 मई कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत के बाद विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने शनिवार को कहा कि उसकी युवा शाखा बजरंग दल प्रतिबंध की धमकियों से नहीं डरती।
विहिप नेता ने यह भी कहा कि अगर कांग्रेस की सरकार अपने चुनावी वादे के मुताबिक बजरंग दल पर रोक लगाएगी, तो तमाम आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
विहिप महासचिव मिलिंद परांडे ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर वे (कर्नाटक की भावी कांग्रेस सरकार) केवल हिंदुओं के प्रति द्वेष के कारण बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाएंगे, तो हम भी तैयार बैठे हैं। धर्म, समाज और संस्कृति की रक्षा के लिए जो भी आवश्यक होगा, हम करेंगे।’’
उन्होंने कहा,‘‘हम देशभक्त लोग हैं। बजरंग दल ऐसी धमकियों (प्रतिबंध को लेकर कांग्रेस का चुनावी वादा) से डरता नहीं है।’’
परांडे ने वर्ष 1992 के बाबरी विध्वंस के बाद बजरंग दल को प्रतिबंधित किए जाने का जिक्र किया और कहा,‘‘राम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान भी इन्होंने (कांग्रेस सरकार) हम पर प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन अदालत ने इस प्रतिबंध को यह कहते हुए हटा दिया था कि ऐसी रोक लगाना गलत था।’’
गौरतलब है कि कांग्रेस ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों के लिए अपने घोषणापत्र में कहा था कि वह "जाति और धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले’’ बजरंग दल और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) जैसे संगठनों के खिलाफ ‘‘कड़ी और निर्णायक कार्रवाई’’ करने को प्रतिबद्ध है।
घोषणापत्र में कहा गया था कि इस कार्रवाई में ऐसे संगठनों के खिलाफ ‘‘प्रतिबंध’’ भी शामिल होगा।
परांडे ने इस चुनावी वादे को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा,‘‘पीएफआई तो पहले ही प्रतिबंधित हो चुका है। इसलिए उस पर प्रतिबंध लगाने की बात का कोई मतलब नहीं है। लेकिन इन्होंने (कांग्रेस) बजरंग दल जैसे देशभक्त संगठन की गलत तुलना पीएफआई सरीखे आतंकी संगठन से की है जिससे पता चलता है कि हिंदू हितों के बारे में इनका मन शुद्ध नहीं है।’’
विहिप महासचिव ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह अच्छी बात नहीं हुई है कि हिंदू हितों के बारे में ऐसा विचार रखने वाले लोग अब (कर्नाटक में) बैठकर नीतियां बनाएंगे।’’
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र में कर्नाटक में बजरंग दल को प्रतिबंधित करने का वादा और कुछ राज्य सरकारों द्वारा हालिया फिल्म ‘‘द केरल स्टोरी’’ के प्रदर्शन पर रोक के फैसले मुस्लिम तुष्टीकरण के विषय हैं।
कर्नाटक विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत की वजह पूछे जाने पर परांडे ने कहा कि विहिप राजनीति नहीं करती और ऐसे सवाल नेताओं से किए जाने चाहिए।
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