देश की खबरें | सीएए के खिलाफ विरोध में शामिल आरोपी की जमानत याचिका खारिज
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आजमगढ़ में पांच फरवरी, 2020 को सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में कथित रूप से शामिल ओसामा नाम के एक व्यक्ति की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।
प्रयागराज, 26 अगस्त इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आजमगढ़ में पांच फरवरी, 2020 को सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में कथित रूप से शामिल ओसामा नाम के एक व्यक्ति की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने आजमगढ़ के निवासी ओसामा की जमानत याचिका खारिज करते हुए निचली अदालत को छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया।
याचिकाकर्ता के वकील की दलील थी कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोप सामान्य प्रकृति के हैं और पुलिसकर्मियों की चोट की रिपोर्ट से पता चलता है कि सभी घाव सामान्य प्रकृति के थे। यह भी दलील दी गई कि सभी गवाह पुलिसकर्मी हैं जिन्होंने अपने हित में बयान दिया है।
हालांकि सरकारी वकील ने जमानत की अर्जी का यह कहते हुए विरोध किया कि यह मामला दो समूहों के बीच वैमनस्य को बढ़ावा देने का है। याचिकाकर्ता ने अन्य सह आरोपियों के साथ मिलकर उकसाने वाले भाषण दिए जिससे सरकार के प्रति विद्रोह पैदा हो।
प्राथमिकी आरोप लगाया गया है कि नामजद आरोपी बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए और उनके हाथों में लाठी, छड़, ईंट पत्थर के साथ ही खतरनाक हथियार थे। ये सरकार और देश के खिलाफ भड़काऊ भाषण देने में लिप्त थे।
अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा, “यह एक ऐसा मामला है जहां सभा द्वारा भड़काऊ भाषण दिए गए और आवेदक इस सभा का सदस्य था। इस सभा द्वारा उकसाने वाले बयान दिए गए जिसका उद्देश्य विभिन्न धर्मों के बीच वैमनस्य बढ़ाना था। इसके साथ ही इन्होंने पुलिस कर्मियों पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।”
उल्लेखनीय है कि पांच फरवरी को आजमगढ़ के बिलरियागंज पुलिस थाने में 135 लोगों के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया। ये लोग संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ विरोध कर रहे थे।
– राजेंद्र
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